आज का श्लोक

आज का श्लोक शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

पारम्परिक प्रार्थना

आकाशात् पतितं तोयं यथा गच्छति सागरम् ।ākāśāt patitaṃ toyaṃ yathā gacchati sāgaram |

सर्वदेवनमस्कारः केशवं प्रति गच्छति ॥sarvadevanamaskāraḥ keśavaṃ prati gacchati ||

अर्थ

जैसे आकाश से गिरा सारा जल अन्ततः समुद्र में पहुँचता है, वैसे ही किसी भी देवता को किया गया नमस्कार केशव तक पहुँचता है।

As all rain that falls from the sky reaches the ocean, so every salutation offered to any god reaches Keshava.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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