हर शुभ आरंभ के लिए सही मुहूर्त खोजें
आप क्या करने जा रहे हैं, वह चुनें। हर सुझाया गया समय आपके स्थान के पंचांग से निकाला जाता है, और हर समय अवधि के साथ बताया जाता है कि कौन-से नियम पूरे होते हैं और कौन-से नहीं।
प्रयोजन चुनें
हर प्रयोजन के अपने शास्त्रीय नियम हैं — नियम देखने और तिथियाँ खोजने के लिए एक चुनें।
- विवाह विवाह मुहूर्त विवाह के ग्यारह शास्त्रीय नक्षत्रों सहित; चातुर्मास, खरमास, अधिक मास व गुरु/शुक्र अस्त, बाल्य व वृद्धत्व वर्जित।
- घर और सम्पत्ति गृह प्रवेश मुहूर्त नये घर में प्रवेश: ध्रुव व मृदु नक्षत्र, स्थिर लग्न श्रेष्ठ; चातुर्मास, खरमास, अधिक मास व गुरु/शुक्र अस्त, बाल्य व वृद्धत्व वर्जित।
- घर और सम्पत्ति भूमि पूजन / शिलान्यास मुहूर्त निर्माण आरम्भ या शिलान्यास।
- घर और सम्पत्ति सम्पत्ति क्रय मुहूर्त भूमि, मकान या अन्य सम्पत्ति खरीदना।
- घर और सम्पत्ति सम्पत्ति रजिस्ट्री मुहूर्त सम्पत्ति दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर व रजिस्ट्री।
- वाहन वाहन क्रय मुहूर्त कार, दोपहिया या अन्य वाहन खरीदना।
- वाहन वाहन डिलीवरी मुहूर्त नये वाहन की डिलीवरी व पहली यात्रा। लम्बी पहली यात्रा के लिए यात्रा मुहूर्त उसकी दिशा का भी विचार करता है (दिशाशूल; दक्षिण की यात्रा में पंचक)।
- व्यापार व्यापार / दुकान / कार्यालय उद्घाटन मुहूर्त दुकान, कार्यालय या नया व्यापार आरम्भ करना।
- संस्कार नामकरण मुहूर्त नामकरण संस्कार, परम्परागत रूप से जन्म के 11वें/12वें दिन या उसके बाद।
- संस्कार अन्नप्राशन मुहूर्त पहला अन्न, परम्परागत रूप से छठे मास में (बालक सम, बालिका विषम मास)।
- संस्कार मुण्डन / चूड़ाकरण मुहूर्त प्रथम मुण्डन संस्कार।
- संस्कार उपनयन (जनेऊ) मुहूर्त यज्ञोपवीत संस्कार; उत्तरायण श्रेष्ठ।
- संस्कार कर्णवेध मुहूर्त कर्णवेध संस्कार।
- शिक्षा विद्यारम्भ / अक्षरारम्भ मुहूर्त औपचारिक शिक्षा या अक्षर लेखन का आरम्भ।
- यात्रा यात्रा मुहूर्त यात्रा नक्षत्रों व तिथियों में महत्वपूर्ण यात्रा का आरम्भ; दिशा देने पर दिशाशूल और दक्षिण की यात्रा में पंचक का विचार।
- नौकरी और अनुबन्ध नई नौकरी / कार्यभार ग्रहण मुहूर्त नई नौकरी ज्वाइन करना या नया कार्य आरम्भ करना।
- नौकरी और अनुबन्ध अनुबन्ध / हस्ताक्षर मुहूर्त अनुबन्ध, समझौते या महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर।
- पूजा और अनुष्ठान पूजा / हवन / यज्ञ मुहूर्त सामान्य पूजा, हवन या यज्ञ; राहु काल व भद्रा रहित।
- सामान्य सामान्य शुभ समय किसी भी शुभ कार्य का आरम्भ जिसके लिए विशिष्ट मुहूर्त न हो।
मुहूर्त खोज कैसे काम करती है
- प्रयोजन चुनें
आप जो करना चाहते हैं लिखें या सूची से प्रयोजन चुनें। हर प्रयोजन के अपने आवश्यक और वांछनीय नियम हैं।
- तिथियाँ और समय चुनें
एक बार में छह महीने तक खोजें — चाहें तो केवल सुबह, शाम या कुछ विशेष वारों तक सीमित करें।
- मुहूर्तों की तुलना करें
हर मुहूर्त के साथ उसकी तिथि, नक्षत्र, योग और लग्न, पूरे हुए नियम और छूटे हुए नियम दिखाए जाते हैं।
आपकी चुनी अवधि के प्रत्येक दिन के हिन्दू दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) को वहाँ-वहाँ विभाजित किया जाता है जहाँ तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चन्द्र राशि या कोई काल (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक, दुर्मुहूर्त, वर्ज्यम) बदलता है। कोई समय तभी दिखाया जाता है जब पूरे समय प्रयोजन के सभी आवश्यक नियम पूरे हों; जो श्रेष्ठ नियम पूरे नहीं होते, वे चेतावनी के रूप में दिखाए जाते हैं।
नियम समूह पंचांगों में सामान्यतः उद्धृत शास्त्रीय चयन पर आधारित हैं। प्रत्येक नियम प्लेटफ़ॉर्म की ज्योतिष समीक्षा से गुज़रता है, जो शास्त्रीय ग्रन्थों और प्रकाशित पंचांगों के आधार पर की गई स्वचालित (AI) समीक्षा है। जो नियम समूह अभी इसमें उत्तीर्ण नहीं हुआ है, उसके पृष्ठ पर यह स्पष्ट लिखा है।
ये समय अवधियाँ चुने गए स्थान और गणना प्रोफ़ाइल के लिए इस पृष्ठ पर दिए नियमों के अनुसार हैं। यही एकमात्र सही मुहूर्त नहीं है: परम्परा, क्षेत्र और व्यक्तिगत कुण्डली के अनुसार अलग चयन भी हो सकता है। बड़े संस्कारों के लिए योग्य पुरोहित या ज्योतिषी से परामर्श करें।
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।