आज का श्लोक

आज का श्लोक शनिवार, 15 अगस्त 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 8.7

तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च ।tasmātsarveṣu kāleṣu māmanusmara yudhya ca |

मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयः ॥mayyarpitamanobuddhirmāmevaiṣyasyasaṃśayaḥ ||

अर्थ

इसलिए सदा मेरा स्मरण करो और अपना कर्तव्य करो; मन और बुद्धि मुझे अर्पित करके तुम निःसन्देह मुझे ही प्राप्त होगे।

Therefore remember Me at all times and do your duty; with mind and understanding offered to Me, you will surely come to Me.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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