आज का श्लोक

आज का श्लोक मंगलवार, 11 अगस्त 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 4.39

श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः ।śraddhāvām̐llabhate jñānaṃ tatparaḥ saṃyatendriyaḥ |

ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिमचिरेणाधिगच्छति ॥jñānaṃ labdhvā parāṃ śāntimacireṇādhigacchati ||

अर्थ

श्रद्धावान, तत्पर और जितेन्द्रिय व्यक्ति ज्ञान पाता है, और ज्ञान पाकर शीघ्र ही परम शान्ति को प्राप्त होता है।

The person of faith, devoted and with senses restrained, gains knowledge; having gained it, soon reaches supreme peace.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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