आज का श्लोक

आज का श्लोक सोमवार, 10 अगस्त 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

पारम्परिक प्रार्थना

मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः ।maṅgalaṃ bhagavān viṣṇuḥ maṅgalaṃ garuḍadhvajaḥ |

मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः मङ्गलायतनो हरिः ॥maṅgalaṃ puṇḍarīkākṣaḥ maṅgalāyatano hariḥ ||

अर्थ

भगवान विष्णु मंगलमय हैं, गरुड़ध्वज मंगलमय हैं, कमलनयन मंगलमय हैं; श्रीहरि मंगल के धाम हैं।

Auspicious is Lord Vishnu, auspicious the one whose banner bears Garuda, auspicious the lotus-eyed; Hari is the abode of all that is auspicious.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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