आज का श्लोक

आज का श्लोक शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 2.63

क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः ।krodhādbhavati sammohaḥ sammohātsmṛtivibhramaḥ |

स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति ॥smṛtibhraṃśādbuddhināśo buddhināśātpraṇaśyati ||

अर्थ

क्रोध से मोह होता है, मोह से स्मृति भ्रमित होती है, स्मृति भ्रष्ट होने से बुद्धि नष्ट होती है और बुद्धि के नाश से मनुष्य का पतन हो जाता है।

Anger clouds judgement, clouded judgement confuses memory, loss of memory destroys discernment, and without discernment a person is ruined.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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