आज का श्लोक बुधवार, 19 अगस्त 2026
भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।
श्रीमद्भगवद्गीता 17.20
दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे ।dātavyamiti yaddānaṃ dīyate'nupakāriṇe |
देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम् ॥deśe kāle ca pātre ca taddānaṃ sāttvikaṃ smṛtam ||
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अर्थ
“देना कर्तव्य है” इस भाव से, बदले की आशा के बिना, उचित स्थान, समय और योग्य पात्र को दिया गया दान सात्त्विक कहलाता है।
A gift given because giving is right, to one who cannot repay, at the proper place and time and to a worthy person, is called sattvic giving.
अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।
पिछले श्लोक
पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।
- 18/08/2026 (मंगल) परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । श्रीमद्भगवद्गीता 4.8
- 17/08/2026 (सोम) या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता पारम्परिक प्रार्थना
- 16/08/2026 (रवि) सर्वं ह्येतद् ब्रह्मायमात्मा ब्रह्म सोऽयमात्मा चतुष्पात् ॥ माण्डूक्योपनिषद् 2
- 15/08/2026 (शनि) तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च । श्रीमद्भगवद्गीता 8.7
- 14/08/2026 (शुक्र) कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । श्रीमद्भगवद्गीता 2.47
- 13/08/2026 (गुरु) परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः । पारम्परिक सुभाषित
- 12/08/2026 (बुध) कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छतं समाः । ईशावास्योपनिषद् 2
- 11/08/2026 (मंगल) श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः । श्रीमद्भगवद्गीता 4.39
- 10/08/2026 (सोम) मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुडध्वजः । पारम्परिक प्रार्थना
- 09/08/2026 (रवि) आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः । ऋग्वेद 1.89.1
- 08/08/2026 (शनि) मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु । श्रीमद्भगवद्गीता 9.34
- 07/08/2026 (शुक्र) क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः । श्रीमद्भगवद्गीता 2.63
- 06/08/2026 (गुरु) अष्टादशपुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम् । पारम्परिक सुभाषित
- 05/08/2026 (बुध) नायमात्मा प्रवचनेन लभ्यो न मेधया न बहुना श्रुतेन । कठोपनिषद् 1.2.23
- 04/08/2026 (मंगल) बन्धुरात्मात्मनस्तस्य येनात्मैवात्मना जितः । श्रीमद्भगवद्गीता 6.6
- 03/08/2026 (सोम) श्रीराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे । विष्णु सहस्रनाम (उत्तरभाग)
- 02/08/2026 (रवि) ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । ऋग्वेद 7.59.12
- 01/08/2026 (शनि) अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च । श्रीमद्भगवद्गीता 12.13
- 31/07/2026 (शुक्र) तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर । श्रीमद्भगवद्गीता 3.19
- 30/07/2026 (गुरु) अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् । गुरुगीता
- 29/07/2026 (बुध) भिद्यते हृदयग्रन्थिश्छिद्यन्ते सर्वसंशयाः । मुण्डकोपनिषद् 2.2.8
- 28/07/2026 (मंगल) असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम् । श्रीमद्भगवद्गीता 6.35
- 27/07/2026 (सोम) न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः । श्रीमद्भगवद्गीता 2.20
- 26/07/2026 (रवि) धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः । मनुस्मृति 8.15
- 25/07/2026 (शनि) अनुद्वेगकरं वाक्यं सत्यं प्रियहितं च यत् । श्रीमद्भगवद्गीता 17.15
- 24/07/2026 (शुक्र) यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत । श्रीमद्भगवद्गीता 4.7
- 23/07/2026 (गुरु) शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं पारम्परिक प्रार्थना
- 22/07/2026 (बुध) एको देवः सर्वभूतेषु गूढः सर्वव्यापी सर्वभूतान्तरात्मा । श्वेताश्वतरोपनिषद् 6.11
- 21/07/2026 (मंगल) अन्तकाले च मामेव स्मरन्मुक्त्वा कलेवरम् । श्रीमद्भगवद्गीता 8.5
- 20/07/2026 (सोम) नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवायो न विद्यते । श्रीमद्भगवद्गीता 2.40