आज का श्लोक

आज का श्लोक गुरुवार, 6 अगस्त 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

पारम्परिक सुभाषित

अष्टादशपुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम् ।aṣṭādaśapurāṇeṣu vyāsasya vacanadvayam |

परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम् ॥paropakāraḥ puṇyāya pāpāya parapīḍanam ||

अर्थ

अठारह पुराणों में व्यास जी के दो ही वचन हैं: परोपकार पुण्य है और दूसरों को पीड़ा देना पाप है।

In all eighteen Puranas Vyasa says two things: helping others is merit, and hurting others is sin.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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