आज का श्लोक

आज का श्लोक रविवार, 16 अगस्त 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

माण्डूक्योपनिषद् 2

सर्वं ह्येतद् ब्रह्मायमात्मा ब्रह्म सोऽयमात्मा चतुष्पात् ॥sarvaṃ hyetad brahmāyamātmā brahma so'yamātmā catuṣpāt ||

अर्थ

यह सब कुछ ब्रह्म ही है। यह आत्मा ब्रह्म है, और यह आत्मा चार पादों वाली है।

All this is indeed Brahman. This self is Brahman, and this self has four quarters.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

व्हाट्सऐप