आज का श्लोक

आज का श्लोक शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 3.19

तस्मादसक्तः सततं कार्यं कर्म समाचर ।tasmādasaktaḥ satataṃ kāryaṃ karma samācara |

असक्तो ह्याचरन्कर्म परमाप्नोति पूरुषः ॥asakto hyācarankarma paramāpnoti pūruṣaḥ ||

अर्थ

इसलिए आसक्ति छोड़कर सदा अपना कर्तव्य कर्म करते रहो; अनासक्त होकर कर्म करने से मनुष्य परम पद पाता है।

Therefore always do the work that has to be done, without attachment; by working without attachment a person reaches the highest.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

व्हाट्सऐप