आज का श्लोक मंगलवार, 27 जनवरी 2026
भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।
श्रीमद्भगवद्गीता 6.26
यतो यतो निश्चरति मनश्चञ्चलमस्थिरम् ।yato yato niścarati manaścañcalamasthiram |
ततस्ततो नियम्यैतदात्मन्येव वशं नयेत् ॥tatastato niyamyaitadātmanyeva vaśaṃ nayet ||
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अर्थ
चंचल और अस्थिर मन जहाँ-जहाँ भटके, वहाँ-वहाँ से उसे रोककर बार-बार आत्मा में ही लगाना चाहिए।
Wherever the restless, unsteady mind wanders, draw it back from there and bring it under the control of the self.
अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।
पिछले श्लोक
पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।
- 26/01/2026 (सोम) देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा । श्रीमद्भगवद्गीता 2.13
- 25/01/2026 (रवि) सत्यं ब्रूयात्प्रियं ब्रूयान्न ब्रूयात्सत्यमप्रियम् । मनुस्मृति 4.138
- 24/01/2026 (शनि) सर्वस्य चाहं हृदि सन्निविष्टो मत्तः स्मृतिर्ज्ञानमपोहनं च । श्रीमद्भगवद्गीता 15.15
- 23/01/2026 (शुक्र) श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात् । श्रीमद्भगवद्गीता 3.35
- 22/01/2026 (गुरु) वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटिसमप्रभ । पारम्परिक प्रार्थना
- 21/01/2026 (बुध) यतो वाचो निवर्तन्ते अप्राप्य मनसा सह । तैत्तिरीयोपनिषद् 2.9.1
- 20/01/2026 (मंगल) मत्तः परतरं नान्यत्किञ्चिदस्ति धनञ्जय । श्रीमद्भगवद्गीता 7.7
- 19/01/2026 (सोम) जातस्य हि ध्रुवो मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च । श्रीमद्भगवद्गीता 2.27
- 18/01/2026 (रवि) विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च । चाणक्य नीति 5.15
- 17/01/2026 (शनि) सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज । श्रीमद्भगवद्गीता 18.66
- 16/01/2026 (शुक्र) तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया । श्रीमद्भगवद्गीता 4.34
- 15/01/2026 (गुरु) या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) 5 (Aparajita Stuti)
- 14/01/2026 (बुध) मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः । अमृतबिन्दु उपनिषद् 2
- 13/01/2026 (मंगल) पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति । श्रीमद्भगवद्गीता 9.26
- 12/01/2026 (सोम) बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते । श्रीमद्भगवद्गीता 2.50
- 11/01/2026 (रवि) काकः कृष्णः पिकः कृष्णः को भेदः पिककाकयोः । पारम्परिक सुभाषित
- 10/01/2026 (शनि) ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते । बृहदारण्यकोपनिषद् 5.1.1
- 09/01/2026 (शुक्र) विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि । श्रीमद्भगवद्गीता 5.18
- 08/01/2026 (गुरु) भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते । भज गोविन्दम् (आदि शंकराचार्य) 1
- 07/01/2026 (बुध) सं गच्छध्वं सं वदध्वं सं वो मनांसि जानताम् । ऋग्वेद 10.191.2
- 06/01/2026 (मंगल) अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः । श्रीमद्भगवद्गीता 10.20
- 05/01/2026 (सोम) आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं समुद्रमापः प्रविशन्ति यद्वत् । श्रीमद्भगवद्गीता 2.70
- 04/01/2026 (रवि) क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत् । पारम्परिक सुभाषित
- 03/01/2026 (शनि) श्रेयश्च प्रेयश्च मनुष्यमेतस्तौ सम्परीत्य विविनक्ति धीरः । कठोपनिषद् 1.2.2
- 02/01/2026 (शुक्र) यथा दीपो निवातस्थो नेङ्गते सोपमा स्मृता । श्रीमद्भगवद्गीता 6.19
- 01/01/2026 (गुरु) अशोच्यानन्वशोचस्त्वं प्रज्ञावादांश्च भाषसे । श्रीमद्भगवद्गीता 2.11