आज का श्लोक

आज का श्लोक रविवार, 25 जनवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

मनुस्मृति 4.138

सत्यं ब्रूयात्प्रियं ब्रूयान्न ब्रूयात्सत्यमप्रियम् ।satyaṃ brūyātpriyaṃ brūyānna brūyātsatyamapriyam |

प्रियं च नानृतं ब्रूयादेष धर्मः सनातनः ॥priyaṃ ca nānṛtaṃ brūyādeṣa dharmaḥ sanātanaḥ ||

अर्थ

सत्य बोलो, प्रिय बोलो; अप्रिय सत्य (कटु ढंग से) मत बोलो और प्रिय असत्य भी मत बोलो — यही सनातन धर्म है।

Speak the truth, and speak it pleasantly; do not speak an unpleasant truth harshly, nor a pleasant falsehood. This is the eternal way.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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