आज का श्लोक

आज का श्लोक गुरुवार, 15 जनवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

देवी माहात्म्य (दुर्गा सप्तशती) 5 (Aparajita Stuti)

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता ।yā devī sarvabhūteṣu śaktirūpeṇa saṃsthitā |

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ ||

अर्थ

जो देवी सब प्राणियों में शक्ति के रूप में स्थित हैं, उन्हें नमस्कार है, नमस्कार है, बारम्बार नमस्कार है।

To the Goddess who dwells in all beings as power, salutations to her, salutations to her, salutations again and again.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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