आज का श्लोक

आज का श्लोक मंगलवार, 13 जनवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 9.26

पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति ।patraṃ puṣpaṃ phalaṃ toyaṃ yo me bhaktyā prayacchati |

तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः ॥tadahaṃ bhaktyupahṛtamaśnāmi prayatātmanaḥ ||

अर्थ

जो भक्ति से मुझे पत्ता, फूल, फल या जल अर्पित करता है, उस शुद्ध हृदय वाले भक्त की प्रेमपूर्वक दी गई भेंट मैं स्वीकार करता हूँ।

Whoever offers Me with devotion a leaf, a flower, a fruit or water, that loving offering of a pure heart I accept.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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