आज का श्लोक

आज का श्लोक शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 7.19

बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते ।bahūnāṃ janmanāmante jñānavānmāṃ prapadyate |

वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः ॥vāsudevaḥ sarvamiti sa mahātmā sudurlabhaḥ ||

अर्थ

अनेक जन्मों के अन्त में ज्ञानी यह जानकर मेरी शरण लेता है कि “सब कुछ वासुदेव ही है”; ऐसा महात्मा अत्यन्त दुर्लभ है।

At the end of many births the wise person takes refuge in Me, knowing that Vasudeva is all; such a great soul is very rare.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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