सीखें · क्रमबद्ध पाठ्यक्रम

ज्योतिष पाठ्यक्रम

पंचांग से लेकर कुण्डली पढ़ने, दशा, गोचर, मुहूर्त और कुण्डली मिलान तक दस मॉड्यूल; हर पाठ में चित्र, आपकी अपनी कुण्डली से उदाहरण और पाँच प्रश्नों की प्रश्नोत्तरी।

मॉड्यूल10
पाठ21हर पाठ में प्रश्नोत्तरी
आपकी प्रगति—इसी डिवाइस पर सहेजी

शुरू करें: पाँच अंग, तिथि और वार

यहाँ ज्योतिष को एक पारम्परिक ज्ञान-परम्परा के रूप में पढ़ाया जाता है। गणनाएँ खगोलशास्त्र हैं और जाँची जा सकती हैं; फलादेश परम्परा है, सिद्ध भविष्यवाणी नहीं। प्रमाण क्या बताते हैं

  1. पंचांग की मूल बातें

    पंचांग के पाँच अंग क्या मापते हैं, सूर्य और चन्द्रमा की स्थिति से हर अंग की गणना कैसे होती है, और सूर्योदय की तिथि से दिन का नाम क्यों तय होता है।

    निःशुल्क
  2. राशिचक्र और ग्रह

    बारह राशियाँ, निरयन राशिचक्र और अयनांश, फिर नौ ग्रह और वे गरिमाएँ जो शास्त्रीय ग्रन्थ उन्हें हर राशि में देते हैं।

    निःशुल्क
  3. भाव और भावेश

    बारह भाव और उनके पारम्परिक अर्थ, भाव कैसे गिने और बनाए जाते हैं, हर भाव का स्वामी कैसे निकालें, और ग्रहों की दृष्टि।

    निःशुल्क
  4. जन्म कुण्डली पढ़ना

    कुण्डली के तीन सन्दर्भ-बिन्दु — लग्न, चन्द्र और सूर्य — कुण्डली पढ़ने का एक व्यवस्थित क्रम, और सबसे अधिक प्रयोग होने वाली वर्ग कुण्डली, D9 नवांश।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

  5. दशा: विंशोत्तरी पद्धति

    120 वर्ष का विंशोत्तरी चक्र नक्षत्र-स्वामियों से कैसे बनता है, जन्म के समय दशा शेष कैसे निकाला जाता है, और महादशाएँ अन्तर्दशाओं में कैसे बँटती हैं तथा परम्परा में कैसे पढ़ी जाती हैं।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

  6. गोचर और साढ़ेसाती

    चलते आकाश को जन्म-कुण्डली के सामने कैसे पढ़ा जाता है: हर ग्रह एक राशि में कितने समय रहता है, चन्द्र से गिने गए शास्त्रीय शुभ भाव, वेध और अष्टकवर्ग, और साढ़ेसाती तथा ढैया वास्तव में क्या हैं।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

  7. योग और दोष

    कुण्डली के नामित संयोग क्या हैं: शास्त्रीय योग और उनके भंग, और दोष — मांगलिक, कालसर्प, पितृ और गण्डमूल — उन शर्तों और अपवादों के साथ जिन्हें यह साइट जाँचती है।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

  8. मुहूर्त के सिद्धान्त

    परम्परा किसी शुभ आरम्भ के लिए उपयुक्त समय कैसे चुनती है: समय की इकाई के रूप में मुहूर्त, पंचांग शुद्धि, प्रतिदिन टाले जाने वाले काल, और ताराबल तथा चन्द्रबल की व्यक्तिगत जाँच।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

  9. कुण्डली मिलान

    विवाह से पहले परम्परा दो जन्म-कुण्डलियों की तुलना कैसे करती है: अष्टकूट के आठ कूट, दक्षिण भारतीय पोरुत्तम पद्धति, मिलान-ग्रन्थों में दिए अपवाद, और वह सब जो कोई अंक नहीं बता सकता।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

  10. ज्योतिष की नैतिकता

    ज्योतिष को भय, शोषण या झूठी निश्चितता के बिना कैसे पढ़ें और उपयोग करें, और समय-संकेतों की एक सावधान जाँच में वास्तव में क्या मिला।

    प्रीमियम

    प्रीमियम मॉड्यूल, अभी सभी के लिए निःशुल्क।

पूर्णता प्रमाणपत्र

साइन इन रहते हुए सभी 21 पाठों की प्रश्नोत्तरी उत्तीर्ण करें, तो आपके नाम और पूर्णता-तिथि वाला प्रमाणपत्र मिलेगा, साथ में एक लिंक जिससे कोई भी उसकी पुष्टि कर सके।

प्रगति सहेजने के लिए साइन इन करें

सीखें में और भी: पंचांग कैसे बनता है · हिन्दू कैलेंडर कैसे काम करता है · पंचांग और ज्योतिष शब्दावली · श्लोक अभ्यास-पथ