भक्ति · मेरा मन्दिर
मेरा मन्दिर
रोज़ के दर्शन के लिए एक शान्त कोना। अपने इष्ट देव को चुनें, दीया जलाएँ, फूल चढ़ाएँ और आरती गाएँ। यहाँ हर अर्पण आपकी इच्छा पर है — भक्ति मन में बसती है, गिनती में नहीं।
जिस देवता से आप सबसे अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं — अपने इष्ट देव — को चुनें, और चाहें तो वेदी के लिए कुछ और देवता भी। वेदी तुरन्त खुल जाएगी।
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