आज का श्लोक

आज का श्लोक सोमवार, 22 जून 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 4.36

अपि चेदसि पापेभ्यः सर्वेभ्यः पापकृत्तमः ।api cedasi pāpebhyaḥ sarvebhyaḥ pāpakṛttamaḥ |

सर्वं ज्ञानप्लवेनैव वृजिनं सन्तरिष्यसि ॥sarvaṃ jñānaplavenaiva vṛjinaṃ santariṣyasi ||

अर्थ

यदि तुम सब पापियों से भी अधिक पाप करने वाले हो, तब भी ज्ञान की नौका से सारे पापों को पार कर जाओगे।

Even if you were the worst of wrongdoers, you would cross over all wrong on the raft of knowledge.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

व्हाट्सऐप