प्रसाद · भोग · नैवेद्य · उत्तर और मध्य भारत

चरणामृत

तुलसी वाला हल्का, सुगंधित दूध-दही का प्रसाद, जो आरती के बाद चम्मच से दिया जाता है।

तैयारी5 मिनट
पकाने मेंपकाना नहीं है
कितने लोगों के लिए6

व्रत में उपयुक्तता

बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुन

इसमें अनाज या दालें नहीं हैं, इसलिए कई परिवार एकादशी या नवरात्रि जैसे व्रत के दिनों में इसे लेते हैं।

व्रत और भोग की परम्पराएँ परिवार, क्षेत्र और सम्प्रदाय के अनुसार अलग-अलग होती हैं — कुछ लोग नमक, दूध, चीनी या कुछ सब्ज़ियाँ बिल्कुल नहीं लेते। अपनी परम्परा और बड़ों के मार्गदर्शन का पालन करें।

कब अर्पित करते हैं

विष्णु और कृष्ण — जन्माष्टमी, सत्यनारायण पूजा, एकादशी

सामग्री

6 लोगों के लिए। 1 कप = 240 मि.ली.।

  • 1 कप दूध, उबालकर ठंडा किया हुआ
  • 2 बड़े चम्मच दही
  • 1 बड़ा चम्मच चीनी या मिश्री
  • 5–6 तुलसी के पत्ते
  • 1 छोटा चम्मच हल्के कुटे मखाने (इच्छानुसार)
  • 2–3 कटे बादाम (इच्छानुसार)

विधि

  1. एक साफ़ कटोरे में दही को फेंटकर चिकना कर लें।
  2. ठंडा दूध और चीनी डालकर चीनी घुलने तक मिलाएँ।
  3. तुलसी के पत्तों को उँगलियों से हल्का तोड़कर डालें।
  4. चाहें तो मखाने और बादाम डालें और आरती से पहले भोग लगाएँ।
  5. आरती के बाद हर किसी की दाहिनी हथेली में — बाएँ हाथ के ऊपर रखकर — थोड़ा-थोड़ा दें।

कई मंदिरों में चरणामृत वह जल या दूध होता है जिससे विग्रह का स्नान हुआ हो; घरों में प्रायः इसे ऐसे बनाते हैं। परम्पराएँ अलग-अलग हैं।

इन पर्वों पर ये भी चढ़ाए जाते हैं

ये विधियाँ हमारी संपादकीय टीम ने घरों की प्रचलित परम्परा के आधार पर लिखी हैं। माप: 1 कप = 240 मि.ली., 1 बड़ा चम्मच = 15 मि.ली., 1 छोटा चम्मच = 5 मि.ली.।

सभी व्यंजन

व्हाट्सऐप