मंगल के उपाय
मंगल के पारम्परिक उपाय: मन्त्र, वार, देवता, दान, व्रत, रंग और भक्ति-पाठ, उनके स्रोतों सहित।
पारम्परिक भक्ति-साधना
ये ज्योतिष और धर्मशास्त्र ग्रन्थों में वर्णित पारम्परिक भक्ति-उपाय हैं। ये श्रद्धा और आत्मचिन्तन के लिए दिए गए हैं, इनसे किसी फल का वादा नहीं किया जाता, और ये चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक, कानूनी या आर्थिक सलाह का स्थान कभी नहीं लेते। जप और दान अपनी सामर्थ्य के अनुसार करें: किसी उपाय के लिए कुछ ख़रीदना आवश्यक नहीं है।
मन्त्र
नाम-मन्त्र परवर्ती / लोक-परम्परा
ॐ अङ्गारकाय नमः
Om Aṅgārakāya Namaḥ
ॐ और नमः के साथ ग्रह का नाम; इसके लिए दीक्षा आवश्यक नहीं। प्रायः ग्रह के वार पर 108 बार (एक माला) जपा जाता है।
बीज मन्त्र परवर्ती / लोक-परम्परा
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
Om Krāṃ Krīṃ Krauṃ Saḥ Bhaumāya Namaḥ
परवर्ती मन्त्र-ग्रन्थों का बीजाक्षर वाला रूप। अनेक आचार्य इसका उच्चारण गुरु से सीखने की सलाह देते हैं।
“ॐ अङ्गारकाय नमः” का 108 बार जाप करें, या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
Nama-mantra ("Om … namah" with the graha’s name in the dative): the simplest form of graha japa, needing no initiation, as commonly taught
Beej mantras of the Navagrahas: later Tantric and popular mantra manuals; not given in BPHS
मंगल का बीज मन्त्र
ॐoṃ क्रांkrāṃ क्रींkrīṃ क्रौंkrauṃ सःsaḥ भौbhauमाmāयya नnaमःmaḥ
10 अक्षर, 18 मात्राएँ · रेखांकित अक्षर गुरु (दीर्घ या भारी) हैं; इन्हें लघु (ह्रस्व) अक्षरों से लगभग दुगना खींचा जाता है।
यह आवाज़ आपके उपकरण की कृत्रिम वाणी है। यह केवल अनुमानित है और संस्कृत के उच्चारण (स्वर की मात्रा, विसर्ग, संयुक्ताक्षर) में चूक सकती है। गुरु से या प्रामाणिक रिकॉर्डिंग से सीखें।
वार, पूजा, दान और व्रत
- वार शास्त्रीय
- मंगलवार
- ग्रह के अधिदेवता शास्त्रीय
- स्कन्द (कार्तिकेय)
Brihat Parashara Hora Shastra ch. 3: the deities of the seven grahas from the Sun (Agni, the waters, Skanda, Vishnu, Indra, Shachi, Brahma)
- उपास्य देवता परवर्ती / लोक-परम्परा
- हनुमान (कार्तिकेय भी)
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें।Deity commonly worshipped for each graha: popular practice; traditions vary by region and family
- दान शास्त्रीय
- मंगलवार को मसूर दाल, गुड़ या लाल वस्त्र दान करें।
Brihat Parashara Hora Shastra, the remedial (shanti) chapters on the dashas: propitiation by worship, japa and charity (dana); Yajnavalkya Smriti, Acharadhyaya, Graha-shanti prakarana (graha worship, samidh and dakshina)
- व्रत परवर्ती / लोक-परम्परा
- मंगलवार व्रत, हनुमान जी की पूजा के साथ।
व्रत तभी रखें जब स्वास्थ्य अनुमति दे; गर्भावस्था, बीमारी या दवा चलने पर पहले अपने डॉक्टर से पूछें।Weekday vratas: popular vrata-katha tradition, not a BPHS prescription
- रंग शास्त्रीय
- गहरा लाल
Brihat Parashara Hora Shastra ch. 3: colours of the grahas
- आचरण परवर्ती / लोक-परम्परा
- ऊर्जा को नियमित व्यायाम में लगाएँ, झगड़ों और जल्दबाज़ी से बचें, और भाइयों तथा सहकर्मियों की सहायता करें।
पढ़ने या जपने के पाठ
- श्री हनुमान चालीसा चालीसा
- मंगल बीज मन्त्र बीज मन्त्र
- अग्निर्मूर्धा (मंगल वैदिक मन्त्र) वैदिक मन्त्र
- ॐ हं हनुमते नमः मन्त्र
- नवग्रह स्तोत्रम् स्तोत्र
Navagraha Stotra attributed to Vyasa; Aditya Hridayam (Valmiki Ramayana, Yuddha Kanda); other texts as listed in the Bhakti library with their own sources
रत्न
मंगल का पारम्परिक रत्न मूँगा है। इस पर विचार करने से पहले सावधानियाँ पढ़ें: रत्न ऊपर दिए उपायों का विकल्प कभी नहीं है।