तले हुए मोदक (तळणीचे मोदक)
नारियल-गुड़ की मीठी भरावन वाले कुरकुरे गेहूँ के मोदक — गणेश जी की प्रिय मिठाई।
तैयारी30 मिनट
पकाने में30 मिनट
कितने लोगों के लिए15
व्रत में उपयुक्तता
बिना नमकबिना प्याज़-लहसुनइसमें अनाज या दालें हैं, इसलिए यह प्रायः त्योहार के प्रसाद के रूप में बनता है, कठोर व्रत में नहीं खाया जाता।
व्रत और भोग की परम्पराएँ परिवार, क्षेत्र और सम्प्रदाय के अनुसार अलग-अलग होती हैं — कुछ लोग नमक, दूध, चीनी या कुछ सब्ज़ियाँ बिल्कुल नहीं लेते। अपनी परम्परा और बड़ों के मार्गदर्शन का पालन करें।
कब अर्पित करते हैं
गणेश — गणेश चतुर्थी, विनायक और संकष्टी चतुर्थी
सामग्री
15 लोगों के लिए। 1 कप = 240 मि.ली.।
- 1 कप गेहूँ का आटा या मैदा
- 2 बड़े चम्मच सूजी
- आटे के लिए 2 बड़े चम्मच गरम घी और तलने के लिए घी या तेल
- 1½ कप ताज़ा कसा नारियल
- ¾ कप कसा हुआ गुड़
- ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- 1 बड़ा चम्मच कटे काजू और किशमिश
- गूँधने के लिए पानी
विधि
- आटा और सूजी मिलाएँ, गरम घी डालकर मसलें और थोड़े पानी से सख़्त आटा गूँध लें। ढककर 20 मिनट रखें।
- भरावन के लिए कड़ाही में धीमी आँच पर नारियल और गुड़ गरम करें और गुड़ पिघलकर मिश्रण गाढ़ा होने तक (6–8 मिनट) चलाते रहें। इलायची और मेवे डालकर ठंडा होने दें।
- आटे की छोटी लोई को 3 इंच की पतली पूरी जैसा बेलें। किनारों पर चुन्नटें बनाएँ, बीच में एक चम्मच भरावन रखें और चुन्नटों को ऊपर मिलाकर नोक बनाएँ। अच्छी तरह बंद करें।
- मध्यम-धीमी आँच पर घी या तेल गरम करें और थोड़े-थोड़े मोदक सुनहरे और कुरकुरे होने तक तलें।
- निकालकर थोड़ा ठंडा करें और गणेश जी को 21 मोदक (या अपनी परम्परा के अनुसार) अर्पित करके प्रसाद बाँटें।
तलते समय आँच धीमी रखें, वरना मोदक बाहर से भूरे और अंदर से कच्चे रह जाते हैं। कितने मोदक चढ़ाएँ (प्रायः 21) यह पारिवारिक परम्परा पर है।
इन पर्वों पर ये भी चढ़ाए जाते हैं
ये विधियाँ हमारी संपादकीय टीम ने घरों की प्रचलित परम्परा के आधार पर लिखी हैं। माप: 1 कप = 240 मि.ली., 1 बड़ा चम्मच = 15 मि.ली., 1 छोटा चम्मच = 5 मि.ली.।