धनिया पंजीरी
भुना धनिया पाउडर, चीनी, मखाने और मेवे — जन्माष्टमी की आधी रात का प्रसाद।
तैयारी5 मिनट
पकाने में15 मिनट
कितने लोगों के लिए8
व्रत में उपयुक्तता
बिना अनाजबिना नमकबिना प्याज़-लहसुनइसमें अनाज या दालें नहीं हैं, इसलिए कई परिवार एकादशी या नवरात्रि जैसे व्रत के दिनों में इसे लेते हैं।
व्रत और भोग की परम्पराएँ परिवार, क्षेत्र और सम्प्रदाय के अनुसार अलग-अलग होती हैं — कुछ लोग नमक, दूध, चीनी या कुछ सब्ज़ियाँ बिल्कुल नहीं लेते। अपनी परम्परा और बड़ों के मार्गदर्शन का पालन करें।
कब अर्पित करते हैं
जन्माष्टमी की आधी रात को पंचामृत के साथ बाल गोपाल को
सामग्री
8 लोगों के लिए। 1 कप = 240 मि.ली.।
- 1 कप धनिया पाउडर (ताज़ा पिसा हो तो सबसे अच्छा)
- 2 बड़े चम्मच घी
- ½ कप पिसी चीनी या बूरा
- ½ कप मखाने, भुने और कुटे हुए
- 2 बड़े चम्मच सूखा नारियल बुरादा
- 2 बड़े चम्मच कटे बादाम-काजू, 1 बड़ा चम्मच मगज़ (इच्छानुसार)
विधि
- कड़ाही में धीमी आँच पर घी गरम करें और धनिया पाउडर डालें।
- लगातार चलाते हुए 5–7 मिनट भूनें जब तक सुगंध न आए और रंग थोड़ा गहरा न हो जाए। जलने न दें।
- मखानों को अलग से कुरकुरे होने तक भूनें और दरदरा कूट लें।
- धनिये को पूरी तरह ठंडा करें, फिर चीनी, मखाने, नारियल और मेवे मिलाएँ।
- आधी रात को पंचामृत के साथ भोग लगाएँ और सबको एक-एक चम्मच प्रसाद दें।
धनिया बीज/मसाला माना जाता है, इसलिए कई परिवार इस पंजीरी को जन्माष्टमी व्रत में ग्राह्य मानते हैं। परम्पराएँ अलग-अलग हैं।
इन पर्वों पर ये भी चढ़ाए जाते हैं
ये विधियाँ हमारी संपादकीय टीम ने घरों की प्रचलित परम्परा के आधार पर लिखी हैं। माप: 1 कप = 240 मि.ली., 1 बड़ा चम्मच = 15 मि.ली., 1 छोटा चम्मच = 5 मि.ली.।