पंचांग · पंचक

पंचक तिथियाँ और समय

अगले 90 दिनों के पंचक, जिनमें गणना से प्राप्त अवधि को उसकी पारम्परिक व्याख्या से अलग दिखाया गया है।

सैन होज़े, California, United States 37.3394°, -121.8950° America/Los_Angeles (UTC-07:00) समय में डेलाइट सेविंग टाइम (PDT) शामिल है उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

इस समयअभी नहीं
अगला प्रारम्भ17/11/2026 (मंगल), 20 दिन बाद
90 दिनों में अवधियाँ3

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 से सोमवार, 25 जनवरी 2027 तक

गणना से प्राप्त तथ्य

पंचक वह अवधि है जब चन्द्रमा निरयण कुम्भ और मीन राशि में रहता है — धनिष्ठा के तीसरे चरण के आरम्भ से रेवती के अन्त तक। यह लगभग पाँच दिन रहता है और लगभग हर 27 दिन में आता है। वार वह हिन्दू वार (सूर्योदय से सूर्योदय) है जिसमें पंचक आरम्भ हुआ।

  1. प्रारम्भ17/11/2026 (मंगल)
    समाप्ति21/11/2026 (शनि)
    110 घं 24 मिआरम्भ का वार (हिन्दू दिन): सोमवारराज पंचक (सोमवार से आरम्भ)
  2. प्रारम्भ14/12/2026 (सोम)
    समाप्ति19/12/2026 (शनि)
    113 घं 22 मिआरम्भ का वार (हिन्दू दिन): सोमवारराज पंचक (सोमवार से आरम्भ)
  3. प्रारम्भ10/01/2027 (रवि)
    समाप्ति15/01/2027 (शुक्र)
    115 घं 16 मिआरम्भ का वार (हिन्दू दिन): रविवाररोग पंचक (रविवार से आरम्भ)

पारम्परिक व्याख्या

परम्परा में पंचक के दौरान कुछ कार्य नहीं किए जाते या उपाय सहित किए जाते हैं। वर्गीकरण उस वार पर निर्भर करता है जिस दिन पंचक आरम्भ होता है।

सामान्य वर्गीकरण: रोग (रविवार), राज (सोमवार), अग्नि (मंगलवार), चोर (शुक्रवार) और मृत्यु (शनिवार) पंचक। बुधवार या गुरुवार से आरम्भ होने वाले पंचक को अनेक पंचांग अलग नाम नहीं देते और कम प्रतिबन्धक मानते हैं।

पंचक की अवधि एक खगोलीय तथ्य (चन्द्रमा की स्थिति) है। इससे जुड़े निषेध — जैसे दक्षिण दिशा की यात्रा, छत डालना, लकड़ी एकत्र करना या बिना उपाय के कुछ अन्त्येष्टि कर्म — पारम्परिक हैं और समुदायों में भिन्न हैं।

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

व्रत, एकादशी, श्राद्ध, संक्रान्ति और ध्यान रखने योग्य काल — सब आपके स्थान के लिए गणित।