आज का श्लोक

आज का श्लोक सोमवार, 18 मई 2026

भगवद्गीता, उपनिषद, वेद, सुभाषित और प्रसिद्ध स्तोत्रों से प्रतिदिन एक संस्कृत श्लोक, लिप्यन्तरण और अर्थ सहित। कुल 132 श्लोक क्रम से।

श्रीमद्भगवद्गीता 10.20

अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः ।ahamātmā guḍākeśa sarvabhūtāśayasthitaḥ |

अहमादिश्च मध्यं च भूतानामन्त एव च ॥ahamādiśca madhyaṃ ca bhūtānāmanta eva ca ||

अर्थ

मैं सब प्राणियों के हृदय में स्थित आत्मा हूँ; मैं ही उनका आदि, मध्य और अन्त हूँ।

I am the self seated in the heart of all beings; I am their beginning, their middle and their end.

अर्थ हमारा अपना संक्षिप्त भावार्थ है, शब्दशः अनुवाद नहीं।

पिछले श्लोक

पिछले दिनों में से हर दिन का श्लोक।

आरती और मन्त्र · व्रत कथाएँ

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