उपनयन मुहूर्त जून 2027 उज्जैन में
उज्जैन के लिए जून 2027 में 9 दिन ऐसे हैं जिनमें उपनयन का कम से कम एक मुहूर्त है (कुल 25 मुहूर्त)।
जून 2027 में उपनयन मुहूर्त की तिथियाँ
हर मुहूर्त इस कार्य के सभी आवश्यक नियमों को पूरा करता है। “टिप्पणी” वाले बैज का अर्थ है कि उस समय कोई श्रेष्ठ (वैकल्पिक) नियम पूरा नहीं होता; कौन-सा, यह जानने के लिए विवरण खोलें।
| दिनांक | मुहूर्त का समय | तिथि · नक्षत्र | और |
|---|---|---|---|
| 06/06/2027 (रवि) |
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शुक्ल पक्ष द्वितीयाआर्द्रा | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 07/06/2027 (सोम) |
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शुक्ल पक्ष तृतीयापुनर्वसु | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 09/06/2027 (बुध) |
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शुक्ल पक्ष पंचमीआश्लेषा | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 13/06/2027 (रवि) |
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शुक्ल पक्ष दशमीहस्त | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 14/06/2027 (सोम) |
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शुक्ल पक्ष एकादशीचित्रा | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 15/06/2027 (मंगल) |
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शुक्ल पक्ष द्वादशीस्वाती | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 20/06/2027 (रवि) |
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कृष्ण पक्ष द्वितीयापूर्वाषाढ़ा | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 21/06/2027 (सोम) |
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कृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीयाउत्तराषाढ़ा | विवरण उस दिन का पंचांग |
| 24/06/2027 (गुरु) |
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कृष्ण पक्ष पंचमीधनिष्ठा | विवरण उस दिन का पंचांग |
बाकी दिनों में मुहूर्त क्यों नहीं
30 में से 21 दिनों में कोई मुहूर्त नहीं है। इन आवश्यक नियमों ने पूरे दिन वर्जित किए:
| नियम | पूरे वर्जित दिन |
|---|---|
| उपनयन की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 10, 11, 12; कृष्ण 2, 3, 5 | 16 |
| उपनयन नक्षत्र: क्षिप्र, ध्रुव, चर व मृदु, तीनों पूर्वा, आर्द्रा, आश्लेषा व मूल | 2 |
एक दिन एक से अधिक नियमों से वर्जित हो सकता है; जो दिन केवल आंशिक रूप से वर्जित हैं वे यहाँ नहीं गिने गए।
लागू नियम
ये तिथियाँ उसी मुहूर्त इंजन से निकाली गई हैं जो खोज में उपयोग होता है, इस कार्य के सभी नियमों के साथ और बिना किसी समय या वार के फ़िल्टर के।
आवश्यक (मुहूर्त में ये सभी पूरे होने चाहिए)
- उपनयन नक्षत्र: क्षिप्र, ध्रुव, चर व मृदु, तीनों पूर्वा, आर्द्रा, आश्लेषा व मूल
- उपनयन की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 10, 11, 12; कृष्ण 2, 3, 5
- राहु काल वर्जित
- भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
- व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित)
- चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी) में नहीं
- गुरु व शुक्र अस्त न हों (आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग के उदय-अस्त नियम से)
- गुरु व शुक्र बाल्य या वृद्ध न हों (उदय के ठीक बाद या अस्त से ठीक पहले के दिन, मुहूर्त चिन्तामणि की दिन-गणना)
- अधिक (मल) मास में नहीं
- केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
- केवल पूर्वाह्न (सूर्योदय से मध्याह्न), अपराह्न में नहीं
श्रेष्ठ (पूरे न होने पर टिप्पणी के रूप में दिखाए जाते हैं)
- अनुकूल वार
- उत्तरायण श्रेष्ठ (मकर से कर्क संक्रान्ति तक, निरयण सूर्य)
- उपनयन के श्रेष्ठ मास: माघ से ज्येष्ठ (अमान्त)
- यमगण्ड से बचें
- गुलिक काल से बचें
- दुर्मुहूर्त से बचें
- वर्ज्यम से बचें
- विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)
तारा बल और चन्द्र बल जन्म नक्षत्र पर निर्भर हैं, इसलिए इस पृष्ठ पर लागू नहीं किए गए। जन्म विवरण के साथ व्यक्तिगत मुहूर्त देखें
स्रोत: Muhurta Chintamani nakshatra/tithi/vara selections as commonly cited by modern Panchangs
जून 2027 में अन्य शहरों में उपनयन मुहूर्त
भारत
- नई दिल्ली
- मुंबई
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ये समय अवधियाँ चुने गए स्थान और गणना प्रोफ़ाइल के लिए इस पृष्ठ पर दिए नियमों के अनुसार हैं। यही एकमात्र सही मुहूर्त नहीं है: परम्परा, क्षेत्र और व्यक्तिगत कुण्डली के अनुसार अलग चयन भी हो सकता है। बड़े संस्कारों के लिए योग्य पुरोहित या ज्योतिषी से परामर्श करें।
इस समूह का प्रत्येक नियम प्लेटफ़ॉर्म की ज्योतिष समीक्षा में उत्तीर्ण है: शास्त्रीय ग्रन्थों और प्रकाशित पंचांगों के आधार पर हर नियम की स्वचालित (AI) समीक्षा।
गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-09-29-a0a4505e · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।