प्रेम का धागा: रक्षा बंधन
कपड़े का एक फटा टुकड़ा, एक वचन, और एक रंगीन धागा।
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रक्षा बंधन के दिन भाई-बहन सुबह जल्दी तैयार होते हैं। एक थाली में दीया, रोली, चावल, मिठाई और सुंदर राखी सजाई जाती है। -
एक पुरानी कथा है कि एक बार कृष्ण की उँगली कट गई। द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी से एक पट्टी फाड़कर उनकी उँगली पर बाँध दी ताकि ख़ून रुक जाए। -
कृष्ण उनके स्नेह से भावुक हो गए और सदा उनकी रक्षा करने का वचन दिया। और जब द्रौपदी को सहायता चाहिए थी, उन्होंने अपना वचन निभाया। -
आज बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है, और दोनों हमेशा एक-दूसरे का ध्यान रखने का वचन देते हैं। चचेरे भाई-बहन और दोस्त भी राखी बाँधते हैं — यह प्रेम और एक-दूसरे की देखभाल का पर्व है।
क्या आप जानते हैं?
रक्षा बंधन श्रावण की पूर्णिमा को आता है। उसी दिन पश्चिमी तट के मछुआरे परिवार नारली पूर्णिमा पर समुद्र को नारियल अर्पित करते हैं।
कुछ बनाइए
रंगीन धागे, काग़ज़ के फूल और एक बटन से राखी बनाइए। आप इसे किसे देना चाहेंगे?
इस साल रक्षा बन्धन मंगलवार, 17 अगस्त 2027 को है। बड़ों के लिए तिथि और मुहूर्त
अलग-अलग परिवार और क्षेत्र ये कहानियाँ अलग-अलग ढंग से सुनाते हैं। यह बच्चों के लिए एक सरल रूप है।