हिंदू त्योहार और व्रत, आपके शहर के अनुसार तिथियाँ
प्रत्येक पर्व को परिभाषित करने वाली तिथि, नक्षत्र या सूर्य संक्रान्ति से आपके स्थान के लिए दिनांक निकाले जाते हैं; हर त्योहार के पृष्ठ पर नियम और विशेष परिस्थिति में लिया गया निर्णय दिखाया गया है।
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शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 से शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2027 तक · 33 पर्व
सितंबर 2026कुल 1
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शनिवार, 26 सितंबर 2026
13 दिन पहले इस दिन का पंचांग: 26/09/2026 (शनि)
अक्टूबर 2026कुल 5
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शनिवार, 10 अक्टूबर 2026
सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- कुतुप मुहूर्त से 0 घं 47 मि
- रौहिण मुहूर्त से 0 घं 47 मि
- अपराह्न से 2 घं 22 मि
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रविवार, 11 अक्टूबर 2026
2 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 11/10/2026 (रवि)
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सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
10 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 19/10/2026 (सोम)
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मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
विजयादशमी (दशहरा)
- अपराह्न से 2 घं 20 मि
11 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 20/10/2026 (मंगल) -
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
20 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 29/10/2026 (गुरु)
नवंबर 2026कुल 6
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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
धनतेरस (धनत्रयोदशी)
- प्रदोष काल से 2 घं 32 मि
28 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 06/11/2026 (शुक्र) -
रविवार, 8 नवंबर 2026
दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- प्रदोष काल से 2 घं 32 मि
30 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 08/11/2026 (रवि) -
रविवार, 8 नवंबर 2026
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)
- अरुणोदय से 1 घं 36 मि
30 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 08/11/2026 (रवि) -
सोमवार, 9 नवंबर 2026
गोवर्धन पूजा
- सायंकाल से 2 घं 16 मि
31 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 09/11/2026 (सोम) -
बुधवार, 11 नवंबर 2026
भाई दूज
- अपराह्न से 2 घं 15 मि
33 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 11/11/2026 (बुध) -
रविवार, 15 नवंबर 2026
छठ पूजा
क्षेत्रीय पर्व: बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तर भारत
- संध्या अर्घ्य (सूर्यास्त)
पारण के बाद
37 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 15/11/2026 (रवि)
जनवरी 2027कुल 1
-
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
मकर संक्रान्ति
- पुण्य काल से 11 घं 6 मि
- महा पुण्य काल से 1 घं 51 मि
98 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 15/01/2027 (शुक्र)
फ़रवरी 2027कुल 1
-
गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027
वसन्त पंचमी (सरस्वती पूजा)
- पूर्वाह्न से 5 घं 44 मि
125 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 11/02/2027 (गुरु)
मार्च 2027कुल 3
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शनिवार, 6 मार्च 2027
महाशिवरात्रि
- निशीथ काल से 0 घं 49 मि
148 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 06/03/2027 (शनि) -
रविवार, 21 मार्च 2027
होलिका दहन
- प्रदोष काल से 2 घं 22 मि
163 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 21/03/2027 (रवि) -
सोमवार, 22 मार्च 2027
164 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 22/03/2027 (सोम)
अप्रैल 2027कुल 4
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बुधवार, 7 अप्रैल 2027
180 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 07/04/2027 (बुध)
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बुधवार, 14 अप्रैल 2027
मेष संक्रान्ति
- पुण्य काल से 7 घं 33 मि
- महा पुण्य काल से 4 घं 11 मि
187 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 14/04/2027 (बुध) -
गुरुवार, 15 अप्रैल 2027
राम नवमी
- मध्याह्न से 1 घं 59 मि
188 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 15/04/2027 (गुरु) -
मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
हनुमान जयन्ती
क्षेत्रीय पर्व: उत्तर भारत
193 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 20/04/2027 (मंगल)
मई 2027कुल 2
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शनिवार, 8 मई 2027
अक्षय तृतीया
- पूर्वाह्न से 0 घं 51 मि
211 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 08/05/2027 (शनि) -
गुरुवार, 20 मई 2027
223 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 20/05/2027 (गुरु)
जुलाई 2027कुल 2
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सोमवार, 5 जुलाई 2027
269 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 05/07/2027 (सोम)
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रविवार, 18 जुलाई 2027
282 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 18/07/2027 (रवि)
अगस्त 2027कुल 2
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मंगलवार, 17 अगस्त 2027
रक्षा बन्धन
- तिथि रहते से 6 घं 40 मि
312 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 17/08/2027 (मंगल) -
मंगलवार, 24 अगस्त 2027
कृष्ण जन्माष्टमी
- निशीथ काल से 0 घं 45 मि
319 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 24/08/2027 (मंगल)
सितंबर 2027कुल 5
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शनिवार, 4 सितंबर 2027
गणेश चतुर्थी
- मध्याह्न से 1 घं 4 मि
330 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 04/09/2027 (शनि) -
रविवार, 12 सितंबर 2027
ओणम (तिरुवोणम)
क्षेत्रीय पर्व: केरल
338 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 12/09/2027 (रवि) -
बुधवार, 15 सितंबर 2027
341 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 15/09/2027 (बुध)
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बुधवार, 29 सितंबर 2027
सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- कुतुप मुहूर्त से 0 घं 48 मि
- रौहिण मुहूर्त से 0 घं 48 मि
- अपराह्न से 2 घं 24 मि
355 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 29/09/2027 (बुध) -
गुरुवार, 30 सितंबर 2027
356 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 30/09/2027 (गुरु)
अक्टूबर 2027कुल 1
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गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027
363 दिन बाद इस दिन का पंचांग: 07/10/2027 (गुरु)
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ये तिथियाँ कैसे निकाली जाती हैं
प्रत्येक पर्व एक नियम से परिभाषित है (जैसे सूर्योदय, मध्याह्न, प्रदोष या मध्यरात्रि में कौन-सी तिथि व्याप्त होनी चाहिए)। चुने गए स्थान पर जिस दिन यह नियम पूरा होता है, वही दिन लिया जाता है; तिथि दो दिन आवश्यक काल में व्याप्त हो तो उस पर्व का निर्णय नियम लगाया जाता है और उसका उल्लेख किया जाता है।
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।