मेष संक्रान्ति
सूर्य का निरयण मेष राशि में प्रवेश (विषुव संक्रान्ति): स्नान, दान और सूर्य उपासना के लिए मेष संक्रान्ति पुण्य काल का दिन। इस संक्रान्ति के क्षेत्रीय नववर्ष पर्व (वैसाखी, विशु, पुथांडु) अपना दिन अपने-अपने नियमों से तय करते हैं और इससे एक दिन अलग पड़ सकते हैं।
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- श्रेणीत्योहार प्रमुख
- देवतासूर्य देव
- निर्धारक तिथि / क्षणसटीक क्षण:
बुधवार, 14 अप्रैल 2027 का समय
- पुण्य काल से 7 घं 12 मि · 14/04/2027 (बुध)
- महा पुण्य काल से 4 घं 15 मि · 14/04/2027 (बुध)
लागू नियम: स्मार्त — दिन में संक्रान्ति (विषुव: मेष या तुला), 10 घटी पहले व बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर। (सेटिंग: संक्रान्ति पुण्य काल: संक्रान्ति के प्रकार अनुसार शास्त्रीय घटियाँ (अधिकांश उत्तर भारतीय पंचांगों की तरह))
यही तिथि क्यों?
- दिन में संक्रान्ति (विषुव: मेष या तुला), 10 घटी पहले व बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर।
पूरे भारत में
यह त्योहार अलग-अलग क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है, क्षेत्रीय नामों और हर तिथि के नियम के साथ।
तिथि का निर्धारण कैसे होता है
- यह वह क्षण है जब सूर्य निरयण मेष राशि में प्रवेश करता है।
- दिन और पुण्य काल हर प्रकार की संक्रान्ति की शास्त्रीय घटियों से (घटी = दिनमान का 1/30): मकर 40 बाद, कर्क 30 पहले, मेष व तुला 10 पहले व बाद, वृषभ, सिंह, वृश्चिक व कुम्भ 16 पहले, मिथुन, कन्या, धनु व मीन 16 बाद, सूर्योदय–सूर्यास्त के भीतर; महा पुण्य काल 5 घटी। रात्रि में मध्यरात्रि से पहले की संक्रान्ति उसी दिन के अपराह्न में, मध्यरात्रि के बाद की अगली सुबह (मकर सदा अगले दिन)।
- निरयण स्थितियाँ आपकी गणना प्रोफ़ाइल के अयनांश से ली जाती हैं; अलग अयनांश से क्षण कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
पारम्परिक भिन्नता
कुछ ग्रंथ विषुव संक्रान्तियों (मेष, तुला) के लिए 10 के स्थान पर दोनों ओर 15 घटी देते हैं; दिन वही रहता है। वैसाखी (पंजाब), विशु (केरल) और पुथांडु (तमिलनाडु) इसी संक्रान्ति पर होते हैं, पर उनका दिन उनके अपने पंचांग-नियम से तय होता है, इसलिए वे इस तिथि से एक दिन अलग हो सकते हैं।
यह ऊपर दिए नियम के अनुसार चुने गए स्थान के लिए तिथि है। यही एकमात्र मान्य तिथि नहीं है: क्षेत्रीय पंचांग, पारिवारिक परम्परा और सम्प्रदाय इसे अलग दिन भी मना सकते हैं।
नियम का स्रोत: Sidereal Mesha ingress (profile ayanamsa); Punya Kaal 10 ghatis before and after the moment, within sunrise-sunset (Dharma Sindhu, Sankranti-nirnaya: Vishuva punya on both sides; Smriti Muktaphala, "ubhayato dasha" ghatis); an ingress at night before the Hindu midnight counts on the same day, after it on the next day
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-09-29-a0a4505e · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata
2026 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 14/04/2026 (मंगल) | सटीक क्षण: |
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2027 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 14/04/2027 (बुध) अगली | सटीक क्षण: |
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