अक्षय तृतीया
वैशाख शुक्ल तृतीया, नये कार्यों व दान के लिए पारम्परिक रूप से शुभ।
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बीटा नियम ज्योतिष समीक्षा की प्रतीक्षा में
इस पर्व का तिथि-नियम ठीक वैसे ही लागू किया गया है जैसे प्रलेखित है, परन्तु यह अभी प्लेटफ़ॉर्म की ज्योतिष समीक्षा (शास्त्रीय ग्रन्थों और प्रकाशित पंचांगों के आधार पर स्वचालित समीक्षा) में उत्तीर्ण नहीं हुआ है। क्षेत्रीय पंचांगों में अंतर हो सकता है; अपने कुल पुरोहित या स्थानीय मन्दिर से पुष्टि करें।
- श्रेणीत्योहार प्रमुख
- देवताभगवान विष्णु
- निर्धारक तिथि / क्षणशुक्ल पक्ष तृतीया: से
- चान्द्र मासवैशाख शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
शनिवार, 8 मई 2027 का समय
- पूर्वाह्न से 0 घं 31 मि · 08/05/2027 (शनि)
लागू नियम: स्मार्त — तिथि दो दिनों को छूती है; पहला दिन, जहाँ वह पिछली तिथि से युक्त (पूर्वविद्धा) है, ग्राह्य है।
यही तिथि क्यों?
- तिथि दो दिनों को छूती है; पहला (पूर्वविद्धा) दिन ग्राह्य — निर्णय सिन्धु का तिथि-युग्म नियम।
व्यंजन, कहानियाँ और मंदिर
जिन मंदिरों में यह विशेष रूप से मनाया जाता है
तिथि का निर्धारण कैसे होता है
- तिथि वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है; अमान्त और पूर्णिमान्त दोनों पद्धतियों में मास का नाम एक ही है।
- यह उस दिन होता है जिस दिन पूर्वाह्न में यह तिथि व्याप्त हो — दिनमान का पहला आधा भाग।
- यदि तिथि लगातार दो दिन उस काल में व्याप्त हो तो जिस दिन वह उस काल के अधिक भाग में रहे, वह दिन लिया जाता है।
- जब तिथि दो दिन उस काल को स्पर्श करे, तो पहला दिन, जो पिछली तिथि से युक्त है, लिया जाता है (निर्णय सिन्धु का तिथि-युग्म नियम)।
- यदि तिथि किसी भी दिन उस काल को स्पर्श न करे (क्षय तिथि), तो जिस हिन्दू दिन में तिथि सबसे अधिक समय रहे, वह दिन लिया जाता है।
- जिस वर्ष उसी नाम का अधिक मास हो, उस वर्ष यह शुद्ध (निज) मास में मनाया जाता है।
पारम्परिक भिन्नता
यह ऊपर दिए नियम के अनुसार चुने गए स्थान के लिए तिथि है। यही एकमात्र मान्य तिथि नहीं है: क्षेत्रीय पंचांग, पारिवारिक परम्परा और सम्प्रदाय इसे अलग दिन भी मना सकते हैं।
नियम का स्रोत: Purvahna-vyapini Tritiya; on two days the Dwitiya-viddha (earlier) day by the tithi-yugma rule (Nirnaya Sindhu; Garuda Purana 1.128.16-17). Published almanac: 19 Apr 2026.
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-09-29-a0a4505e · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata
2026 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 19/04/2026 (रवि)
वैशाख शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष तृतीया: से |
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2027 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 08/05/2027 (शनि)
अगली
वैशाख शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष तृतीया: से |
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