भुवनेश्वर स्थान बदलें

दो घटी मुहूर्त गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026

आपके शहर के लिए दिन और रात के 30 मुहूर्त (प्रत्येक दो घटी) उनके पारंपरिक नाम और स्वभाव के साथ।

पहला शुभ चौघड़िया
मित्र से · शुभ
दिन का एक मुहूर्त0 घं 46 मिदिन
रात का एक मुहूर्त0 घं 50 मिरात्रि
शुभ मुहूर्त18आज 30 में से
स्थान बदलें

भुवनेश्वर, Odisha, India 20.2724°, 85.8338° Asia/Kolkata (UTC+05:30) उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

आज का 24 घंटे का चक्र: दिन, रात्रि और प्रमुख काल 00061218ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:54यमगण्ड 05:44–07:10गुलिक काल 08:37–10:04अभिजित मुहूर्त 11:07–11:54राहु काल 12:57–14:24

सूर्योदय . सूर्यास्त . ब्रह्म मुहूर्त से . यमगण्ड से . गुलिक काल से . अभिजित मुहूर्त से . राहु काल से . सूर्योदय: एकादशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 के समय

दिन
#मुहूर्तसमयप्रकृति
1रुद्र से अशुभ
2अहि से अशुभ
3मित्र से शुभ
4पितृ से अशुभ
5वसु से शुभ
6वार* से अशुभ
आज दुर्मुहूर्त
7विश्वेदेव से शुभ
8विधि (अभिजित) से शुभ
9शतमुखी से शुभ
10पुरुहूत† से विवादित — परम्पराओं में मतभेद
11वह्नि से अशुभ
12नक्तनकर* से अशुभ
आज दुर्मुहूर्त
13वरुण से शुभ
14अर्यमा से शुभ
15भग से अशुभ
रात्रि
#मुहूर्तसमयप्रकृति
1गिरीश† से विवादित — परम्पराओं में मतभेद
2अजपाद से अशुभ
3अहिर्बुध्न्य से शुभ
4पुष्य से शुभ
5अश्विनी से शुभ
6यम से अशुभ
7अग्नि† से विवादित — परम्पराओं में मतभेद
8विधातृ से शुभ
9कण्ड से शुभ
10अदिति से शुभ
11जीव / अमृत से शुभ
12विष्णु से शुभ
13द्युमद्गद्युति से शुभ
14ब्रह्म से शुभ
15समुद्र से शुभ

† विवादित — परम्पराओं में मतभेद: प्रकाशित परम्पराएँ इस मुहूर्त को अलग-अलग मानती हैं और मुहूर्त चिन्तामणि से इसका निर्णय नहीं होता, इसलिए इसका कोई स्वभाव नहीं बताया गया है।

* आज के वार का दुर्मुहूर्त: मुहूर्त चिन्तामणि (विवाह प्रकरण 52) आज इस मुहूर्त का निषेध करता है, इसलिए इसे अशुभ दिखाया गया है।

परिचय

एक मुहूर्त दो घटी का होता है, यानी पूरे दिन-रात का तीसवाँ भाग। सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात, दोनों पंद्रह-पंद्रह मुहूर्तों में बँटे होते हैं। हर मुहूर्त का एक पारंपरिक नाम है और उसे शुभ या अशुभ माना जाता है। दिन का आठवाँ मुहूर्त (विधि) ही अभिजित मुहूर्त है।

आपके स्थान पर दिनमान और रात्रिमान को 15-15 बराबर भागों में बाँटा जाता है, इसलिए इनकी अवधि ऋतु के साथ बदलती है।

नाम विकिपीडिया की मुहूर्त तालिका के अनुसार हैं (रुद्र … भग, गिरीश … समुद्र); मुहूर्त चिन्तामणि (विवाह प्रकरण 50–51) इन्हीं मुहूर्तों को उनके अधिष्ठाता देवताओं के नाम से बताता है, जो कुछ स्थानों पर भिन्न हैं। हर वार का दुर्मुहूर्त (विवाह प्रकरण 52) अशुभ दिखाया गया है, ठीक वही समय जो पंचांग के दुर्मुहूर्त में है। बाक़ी शुभ और अशुभ चिह्न विकिपीडिया की तालिका से लिए गए हैं और अभी किसी शास्त्रीय ग्रन्थ से सत्यापित नहीं हुए हैं (बीटा); जिन तीन मुहूर्तों पर परम्पराओं में मतभेद है, उन्हें विवादित दिखाया गया है।

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

पंचांग

इस दिन का सम्पूर्ण पंचांग

तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय और चन्द्रोदय, सभी शुभ-अशुभ काल, पंचक, भद्रा और पर्व — आपके स्थान के लिए।