जप काउंटर
लक्ष्य (1, 11, 21, 27, 54, 108, 1008 या अपनी संख्या), टाइमर और इतिहास के साथ मन्त्र-जप गिनें।
ॐ नमो नारायणाय (अष्टाक्षरी मन्त्र)
ॐ नमो नारायणाय ॥
श्रीवैष्णव परम्परा में यह मन्त्र दीक्षा के समय आचार्य से प्राप्त किया जाता है। अन्य परम्पराओं के भक्त इसका स्वतन्त्र रूप से जप करते हैं; अपनी परम्परा के मार्गदर्शन का पालन करें।
हर जप पर वृत्त को छुएँ, या Space अथवा Enter दबाएँ।
108 जैसी संख्याएँ पारम्परिक साधना का अंग हैं; संख्या स्वयं किसी निश्चित परिणाम की गारण्टी नहीं देती।