शुभ दिनों का कैलेंडर

इस माह के शुभ दिन

प्रयोजन और माह चुनें। हर दिन उस प्रयोजन के मुहूर्त नियमों से रंगा जाता है (शुभ, मिश्रित या वर्जित) और खोलने पर उसके श्रेष्ठ समय व कारण दिखते हैं। ताराबल और चन्द्रबल के लिए अपनी चन्द्र राशि और नक्षत्र जोड़ें।

राजकोट, Gujarat, India 22.2916°, 70.7932° Asia/Kolkata (UTC+05:30) उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

शुभ6
मिश्रित5
वर्जित20

चन्द्र राशि और नक्षत्र वैकल्पिक हैं। पृष्ठ के लिंक में केवल उनके कोड जाते हैं; कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

नामकरण संस्कार · अक्टूबर 2026

प्रयुक्त नियम: नामकरण मुहूर्त

बच्चे की आयु का नियम (जीवन के 11वें दिन से नामकरण) यहाँ नहीं जाँचा जाता, क्योंकि जन्मतिथि नहीं पूछी जाती। नामकरण मुहूर्त पृष्ठ बच्चे की जन्मतिथि के साथ इसे जाँचता है।

इस समूह का प्रत्येक नियम प्लेटफ़ॉर्म की ज्योतिष समीक्षा में उत्तीर्ण है: शास्त्रीय ग्रन्थों और प्रकाशित पंचांगों के आधार पर हर नियम की स्वचालित (AI) समीक्षा।

लागू नियम: नामकरण मुहूर्त

अनिवार्य (जिस दिन ये हर घड़ी रोकें, वह "वर्जित" है)

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र
  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष)
  • राहु काल वर्जित
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
  • चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल

वांछनीय (जिस समय में इनमें से कोई न सधे, वह "मिश्रित" है)

  • अनुकूल वार
  • यमगण्ड से बचें
  • गुलिक काल से बचें
  • दुर्मुहूर्त से बचें
  • वर्ज्यम से बचें
  • विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)
  • चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल

Muhurta Chintamani nakshatra/tithi/vara selections as commonly cited by modern Panchangs

शुभ समय कैलेंडर में जोड़ें (.ics)

कैलेंडर फ़ाइल में इस स्थान के समय क्षेत्र में केवल आगे आने वाले शुभ समय हैं। साझा लिंक में प्रयोजन, माह, स्थान और, यदि चुने हों, केवल चन्द्र राशि व नक्षत्र के कोड होते हैं।

01/10/2026 (गुरु) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी → कृष्ण पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग सिद्धि
    • करण तैतिल → गर
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग सिद्धि
    • करण गर
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग सिद्धि
    • करण तैतिल
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

दिन के सभी समय (6)
  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग सिद्धि
    • करण तैतिल
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग सिद्धि
    • करण गर
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग सिद्धि
    • करण तैतिल
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

02/10/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
03/10/2026 (शनि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
04/10/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
05/10/2026 (सोम) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
    • नक्षत्र पुष्य
    • योग शिव → सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार सोमवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
    • नक्षत्र पुष्य
    • योग शिव
    • करण वणिज
    • वार सोमवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
    • नक्षत्र पुष्य
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार सोमवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

दिन के सभी समय (6)
  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
    • नक्षत्र पुष्य
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार सोमवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
    • नक्षत्र पुष्य
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार सोमवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
    • नक्षत्र पुष्य
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार सोमवार

    भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

06/10/2026 (मंगल) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
07/10/2026 (बुध) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
08/10/2026 (गुरु) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
09/10/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
10/10/2026 (शनि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
11/10/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
12/10/2026 (सोम) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
    • नक्षत्र स्वाती
    • योग विष्कम्भ
    • करण बालव
    • वार सोमवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
    • नक्षत्र स्वाती
    • योग विष्कम्भ
    • करण कौलव
    • वार सोमवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में); विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
    • नक्षत्र स्वाती
    • योग विष्कम्भ
    • करण कौलव
    • वार सोमवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

दिन के सभी समय (4)
  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
    • नक्षत्र स्वाती
    • योग विष्कम्भ
    • करण बालव → कौलव
    • वार सोमवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

13/10/2026 (मंगल) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
14/10/2026 (बुध) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
15/10/2026 (गुरु) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
16/10/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
17/10/2026 (शनि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
18/10/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
19/10/2026 (सोम) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
20/10/2026 (मंगल) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
    • नक्षत्र श्रवण → धनिष्ठा
    • योग शूल
    • करण तैतिल
    • वार मंगलवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
    • नक्षत्र श्रवण
    • योग शूल
    • करण तैतिल
    • वार मंगलवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में); विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

21/10/2026 (बुध) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष दशमी → शुक्ल पक्ष एकादशी
    • नक्षत्र धनिष्ठा
    • योग गण्ड
    • करण गर → वणिज
    • वार बुधवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
    • नक्षत्र धनिष्ठा
    • योग गण्ड
    • करण गर
    • वार बुधवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

22/10/2026 (गुरु) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र शतभिषा
    • योग वृद्धि
    • करण बव
    • वार गुरुवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र शतभिषा
    • योग वृद्धि
    • करण बव
    • वार गुरुवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

23/10/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
24/10/2026 (शनि) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
    • नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
    • योग व्याघात
    • करण तैतिल
    • वार शनिवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
    • नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
    • योग व्याघात
    • करण तैतिल
    • वार शनिवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
    • नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
    • योग व्याघात
    • करण तैतिल
    • वार शनिवार

    आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें; वर्ज्यम से बचें; विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

25/10/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
26/10/2026 (सोम) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
    • नक्षत्र अश्विनी
    • योग सिद्धि
    • करण बालव
    • वार सोमवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
    • नक्षत्र अश्विनी
    • योग सिद्धि
    • करण बालव
    • वार सोमवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
    • नक्षत्र अश्विनी
    • योग सिद्धि
    • करण बालव
    • वार सोमवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; वर्ज्यम से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

दिन के सभी समय (4)
  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
    • नक्षत्र अश्विनी
    • योग वज्र
    • करण बालव
    • वार सोमवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

27/10/2026 (मंगल) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र (अनिवार्य)
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
28/10/2026 (बुध) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
    • नक्षत्र रोहिणी
    • योग वरीयान
    • करण वणिज
    • वार बुधवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

29/10/2026 (गुरु) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
30/10/2026 (शुक्र) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र मृगशिरा
    • योग शिव
    • करण कौलव
    • वार शुक्रवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र मृगशिरा
    • योग शिव
    • करण कौलव → तैतिल
    • वार शुक्रवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

31/10/2026 (शनि) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र पुनर्वसु
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार शनिवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र पुनर्वसु
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार शनिवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र पुनर्वसु
    • योग सिद्ध
    • करण वणिज
    • वार शनिवार

    आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें

    सधते नियम: ध्रुव, मृदु, क्षिप्र व चर नक्षत्र; रिक्ता व पर्व तिथियाँ वर्जित (4, 8, 9, 14, पूर्णिमा, अमावस्या; दोनों पक्ष); राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

यहाँ हर दिन साथ दिए गए मुहूर्त नियमों से गणना किया गया परम्परागत संकेत है, भविष्यवाणी नहीं। ये समय अवधियाँ चुने गए स्थान और गणना प्रोफ़ाइल के लिए इस पृष्ठ पर दिए नियमों के अनुसार हैं। यही एकमात्र सही मुहूर्त नहीं है: परम्परा, क्षेत्र और व्यक्तिगत कुण्डली के अनुसार अलग चयन भी हो सकता है। बड़े संस्कारों के लिए योग्य पुरोहित या ज्योतिषी से परामर्श करें।

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-10-21-2ab12b5d · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata