इस माह के शुभ दिन
प्रयोजन और माह चुनें। हर दिन उस प्रयोजन के मुहूर्त नियमों से रंगा जाता है (शुभ, मिश्रित या वर्जित) और खोलने पर उसके श्रेष्ठ समय व कारण दिखते हैं। ताराबल और चन्द्रबल के लिए अपनी चन्द्र राशि और नक्षत्र जोड़ें।
बाल कटवाना · अक्टूबर 2026
प्रयुक्त नियम: सामान्य शुभ समय सामान्य
सामान्य: मुहूर्त इंजन में इस प्रयोजन का अपना कोई नियम-समूह नहीं है, इसलिए दिन सामान्य शुभ समय के नियमों (सामान्य पंचांग शुद्धि, नीचे सूचीबद्ध) से आँके गए हैं। यह प्रयोजन-विशेष मुहूर्त नहीं है।
इस समूह का प्रत्येक नियम प्लेटफ़ॉर्म की ज्योतिष समीक्षा में उत्तीर्ण है: शास्त्रीय ग्रन्थों और प्रकाशित पंचांगों के आधार पर हर नियम की स्वचालित (AI) समीक्षा।
लागू नियम: सामान्य शुभ समय
अनिवार्य (जिस दिन ये हर घड़ी रोकें, वह "वर्जित" है)
- रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित
- राहु काल वर्जित
- भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
- चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल
वांछनीय (जिस समय में इनमें से कोई न सधे, वह "मिश्रित" है)
- यमगण्ड से बचें
- गुलिक काल से बचें
- दुर्मुहूर्त से बचें
- वर्ज्यम से बचें
- अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
- चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल
Muhurta Chintamani nakshatra/tithi/vara selections as commonly cited by modern Panchangs
- शुभ (26) कम से कम एक समय प्रयोजन के हर नियम पर खरा है
- मिश्रित (4) समय हैं, पर हर एक में कोई वांछनीय नियम नहीं सधता
- वर्जित (1) कोई अनिवार्य नियम पूरा दिन रोकता है
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 शुभ | 2 शुभ | 3 शुभ | ||||
| 4 शुभ | 5 शुभ | 6 शुभ | 7 शुभ | 8 शुभ | 9 वर्जित | 10 शुभ |
| 11 मिश्रित | 12 शुभ | 13 शुभ | 14 शुभ | 15 शुभ | 16 शुभ | 17 शुभ |
| 18 शुभ | 19 शुभ | 20 मिश्रित | 21 शुभ | 22 शुभ | 23 शुभ | 24 मिश्रित |
| 25 मिश्रित | 26 शुभ | 27 शुभ | 28 शुभ | 29 शुभ | 30 शुभ | 31 शुभ |
कैलेंडर फ़ाइल में इस स्थान के समय क्षेत्र में केवल आगे आने वाले शुभ समय हैं। साझा लिंक में प्रयोजन, माह, स्थान और, यदि चुने हों, केवल चन्द्र राशि व नक्षत्र के कोड होते हैं।
01/10/2026 (गुरु) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र रोहिणी
- योग सिद्धि
- करण गर
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी → कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र रोहिणी
- योग सिद्धि
- करण तैतिल → गर
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र रोहिणी
- योग सिद्धि
- करण तैतिल
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (7)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र रोहिणी
- योग सिद्धि
- करण तैतिल
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र रोहिणी
- योग सिद्धि
- करण गर
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र रोहिणी → मृगशिरा
- योग व्यतीपात
- करण गर → वणिज
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में); अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र रोहिणी
- योग सिद्धि
- करण तैतिल
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
02/10/2026 (शुक्र) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र मृगशिरा → आर्द्रा
- योग वरीयान
- करण बव
- वार शुक्रवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मृगशिरा
- योग व्यतीपात
- करण वणिज
- वार शुक्रवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें; अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मृगशिरा
- योग व्यतीपात
- करण वणिज
- वार शुक्रवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
03/10/2026 (शनि) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग वरीयान
- करण बालव
- वार शनिवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग वरीयान
- करण बालव
- वार शनिवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र आर्द्रा → पुनर्वसु
- योग परिघ
- करण बालव → कौलव
- वार शनिवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (6)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग वरीयान
- करण बालव
- वार शनिवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग वरीयान
- करण बालव
- वार शनिवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष सप्तमी → कृष्ण पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग वरीयान
- करण बव → बालव
- वार शनिवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
04/10/2026 (रवि) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग शिव
- करण वणिज
- वार रविवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
05/10/2026 (सोम) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग सिद्ध
- करण बव
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग शिव → सिद्ध
- करण वणिज
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग शिव
- करण वणिज
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (7)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष दशमी
- नक्षत्र पुष्य
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार सोमवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
06/10/2026 (मंगल) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी → कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र मघा
- योग साध्य → शुभ
- करण बालव → कौलव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा → मघा
- योग साध्य
- करण बालव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग सिद्ध → साध्य
- करण बव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (9)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग साध्य
- करण बालव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग साध्य
- करण बव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग साध्य
- करण बव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र मघा
- योग साध्य
- करण बालव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग साध्य
- करण बव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष एकादशी
- नक्षत्र आश्लेषा
- योग साध्य
- करण बव → बालव
- वार मंगलवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
07/10/2026 (बुध) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वादशी → कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र मघा → पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुभ → शुक्ल
- करण तैतिल → गर
- वार बुधवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र मघा
- योग शुभ
- करण कौलव
- वार बुधवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र मघा
- योग शुभ
- करण कौलव
- वार बुधवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (6)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र मघा
- योग शुभ
- करण कौलव
- वार बुधवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण गर
- वार बुधवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र मघा
- योग शुभ
- करण कौलव → तैतिल
- वार बुधवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
08/10/2026 (गुरु) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी → उत्तरा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण वणिज
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण वणिज
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण गर
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (6)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण वणिज
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण गर
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें; वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
- योग शुक्ल
- करण गर → वणिज
- वार गुरुवार
भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमान्त) · आश्विन कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
09/10/2026 (शुक्र) वर्जित
वर्जित होने का कारण
- रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित (अनिवार्य)
- भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
- राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
10/10/2026 (शनि) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र हस्त → चित्रा
- योग इन्द्र
- करण किंस्तुघ्न
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र चित्रा
- योग वैधृति
- करण किंस्तुघ्न
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
11/10/2026 (रवि) मिश्रित से
श्रेष्ठ समय
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष प्रतिपदा → शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र चित्रा → स्वाती
- योग वैधृति → विष्कम्भ
- करण बव → बालव
- वार रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र चित्रा
- योग वैधृति
- करण किंस्तुघ्न → बव
- वार रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में); अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
12/10/2026 (सोम) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया → शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र स्वाती → विशाखा
- योग प्रीति
- करण कौलव → तैतिल
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र स्वाती
- योग विष्कम्भ
- करण बालव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण तैतिल
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (6)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र स्वाती
- योग विष्कम्भ
- करण कौलव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में); अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र स्वाती
- योग विष्कम्भ
- करण कौलव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र स्वाती
- योग विष्कम्भ
- करण बालव → कौलव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
13/10/2026 (मंगल) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति → आयुष्मान
- करण गर
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण गर
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण गर
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (8)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण गर
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण तैतिल → गर
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
- नक्षत्र विशाखा
- योग प्रीति
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
14/10/2026 (बुध) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र अनुराधा → ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार बुधवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
15/10/2026 (गुरु) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी → शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य → शोभन
- करण बालव → कौलव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (8)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बालव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
- नक्षत्र ज्येष्ठा
- योग सौभाग्य
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें; वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
16/10/2026 (शुक्र) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र ज्येष्ठा → मूल
- योग शोभन
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (9)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी → शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र मूल
- योग अतिगण्ड
- करण तैतिल → गर
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण कौलव → तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र मूल
- योग शोभन
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
17/10/2026 (शनि) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा
- योग सुकर्मा
- करण वणिज
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र मूल
- योग अतिगण्ड
- करण गर
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें; अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा
- योग अतिगण्ड
- करण गर → वणिज
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (4)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र मूल
- योग अतिगण्ड
- करण गर
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें; अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
18/10/2026 (रवि) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र उत्तराषाढ़ा
- योग सुकर्मा → धृति
- करण बव
- वार रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा
- योग सुकर्मा
- करण वणिज
- वार रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र उत्तराषाढ़ा
- योग सुकर्मा
- करण बव
- वार रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
19/10/2026 (सोम) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र उत्तराषाढ़ा
- योग धृति
- करण बव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष अष्टमी
- नक्षत्र उत्तराषाढ़ा
- योग धृति
- करण बव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
20/10/2026 (मंगल) मिश्रित से
श्रेष्ठ समय
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र धनिष्ठा
- योग शूल → गण्ड
- करण तैतिल → गर
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र श्रवण
- योग शूल
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में); अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र श्रवण → धनिष्ठा
- योग शूल
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
21/10/2026 (बुध) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष एकादशी
- नक्षत्र शतभिषा
- योग वृद्धि
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष दशमी → शुक्ल पक्ष एकादशी
- नक्षत्र धनिष्ठा → शतभिषा
- योग गण्ड
- करण गर → वणिज
- वार बुधवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष दशमी
- नक्षत्र धनिष्ठा
- योग गण्ड
- करण गर
- वार बुधवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
22/10/2026 (गुरु) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र शतभिषा → पूर्वा भाद्रपद
- योग वृद्धि → ध्रुव
- करण बव → बालव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (4)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र शतभिषा
- योग वृद्धि
- करण बव
- वार गुरुवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
23/10/2026 (शुक्र) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद → उत्तरा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी → शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव → कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (9)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
- योग व्याघात
- करण कौलव → तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
- नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद
- योग ध्रुव
- करण बालव
- वार शुक्रवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
24/10/2026 (शनि) मिश्रित से
श्रेष्ठ समय
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
- योग व्याघात
- करण तैतिल
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
- योग व्याघात
- करण तैतिल
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
- नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद
- योग व्याघात
- करण तैतिल
- वार शनिवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें; वर्ज्यम से बचें; अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
25/10/2026 (रवि) मिश्रित से
श्रेष्ठ समय
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
- नक्षत्र अश्विनी
- योग वज्र
- करण बव
- वार रविवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
26/10/2026 (सोम) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र अश्विनी → भरणी
- योग सिद्धि
- करण बालव → कौलव
- वार सोमवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र भरणी
- योग सिद्धि
- करण कौलव
- वार सोमवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र भरणी
- योग सिद्धि
- करण कौलव
- वार सोमवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (7)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
- नक्षत्र अश्विनी
- योग वज्र
- करण बव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र अश्विनी
- योग सिद्धि
- करण बालव
- वार सोमवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र अश्विनी
- योग सिद्धि
- करण बालव
- वार सोमवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि शुक्ल पक्ष पूर्णिमा → कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
- नक्षत्र अश्विनी
- योग वज्र
- करण बव → बालव
- वार सोमवार
आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
27/10/2026 (मंगल) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष प्रतिपदा → कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र भरणी
- योग सिद्धि
- करण कौलव → तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र भरणी
- योग सिद्धि
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र भरणी
- योग सिद्धि
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (5)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वितीया
- नक्षत्र भरणी
- योग व्यतीपात
- करण तैतिल
- वार मंगलवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष द्वितीया → कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र कृत्तिका
- योग व्यतीपात
- करण तैतिल → गर → वणिज
- वार मंगलवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति); दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में); वर्ज्यम से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
28/10/2026 (बुध) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र कृत्तिका
- योग वरीयान
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र कृत्तिका
- योग वरीयान
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र रोहिणी
- योग वरीयान
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (6)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र कृत्तिका
- योग वरीयान
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र कृत्तिका
- योग व्यतीपात
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष तृतीया
- नक्षत्र कृत्तिका
- योग वरीयान
- करण वणिज
- वार बुधवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
29/10/2026 (गुरु) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र मृगशिरा
- योग शिव
- करण कौलव
- वार गुरुवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र मृगशिरा
- योग परिघ
- करण कौलव
- वार गुरुवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): अशुभ योगों से बचें (विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
30/10/2026 (शुक्र) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी → कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव → सिद्ध
- करण तैतिल → गर → वणिज
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र मृगशिरा
- योग शिव
- करण कौलव
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (9)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र आर्द्रा
- योग शिव
- करण तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष पंचमी
- नक्षत्र मृगशिरा → आर्द्रा
- योग शिव
- करण कौलव → तैतिल
- वार शुक्रवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
31/10/2026 (शनि) शुभ से
श्रेष्ठ समय
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष सप्तमी
- नक्षत्र पुनर्वसु → पुष्य
- योग साध्य
- करण बव
- वार शनिवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र पुनर्वसु
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार शनिवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र पुनर्वसु
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार शनिवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
दिन के सभी समय (6)
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से शुभ
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र पुनर्वसु
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार शनिवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
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से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र पुनर्वसु
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार शनिवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
-
से मिश्रित
- तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी
- नक्षत्र आर्द्रा → पुनर्वसु
- योग सिद्ध
- करण वणिज
- वार शनिवार
आश्विन कृष्ण पक्ष (अमान्त) · कार्तिक कृष्ण पक्ष (पूर्णिमान्त)
न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें
सधते नियम: रिक्ता तिथियाँ (4, 9, 14) और अमावस्या वर्जित; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)
यहाँ हर दिन साथ दिए गए मुहूर्त नियमों से गणना किया गया परम्परागत संकेत है, भविष्यवाणी नहीं। ये समय अवधियाँ चुने गए स्थान और गणना प्रोफ़ाइल के लिए इस पृष्ठ पर दिए नियमों के अनुसार हैं। यही एकमात्र सही मुहूर्त नहीं है: परम्परा, क्षेत्र और व्यक्तिगत कुण्डली के अनुसार अलग चयन भी हो सकता है। बड़े संस्कारों के लिए योग्य पुरोहित या ज्योतिषी से परामर्श करें।
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-10-21-2ab12b5d · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata