शुभ दिनों का कैलेंडर

इस माह के शुभ दिन

प्रयोजन और माह चुनें। हर दिन उस प्रयोजन के मुहूर्त नियमों से रंगा जाता है (शुभ, मिश्रित या वर्जित) और खोलने पर उसके श्रेष्ठ समय व कारण दिखते हैं। ताराबल और चन्द्रबल के लिए अपनी चन्द्र राशि और नक्षत्र जोड़ें।

राजकोट, Gujarat, India 22.2916°, 70.7932° Asia/Kolkata (UTC+05:30) उत्तर भारतीय · लाहिरी (समायोजित)

शुभ2
मिश्रित6
वर्जित22

चन्द्र राशि और नक्षत्र वैकल्पिक हैं। पृष्ठ के लिंक में केवल उनके कोड जाते हैं; कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

विद्यारम्भ · सितंबर 2026

प्रयुक्त नियम: विद्यारम्भ / अक्षरारम्भ मुहूर्त

इस समूह का प्रत्येक नियम प्लेटफ़ॉर्म की ज्योतिष समीक्षा में उत्तीर्ण है: शास्त्रीय ग्रन्थों और प्रकाशित पंचांगों के आधार पर हर नियम की स्वचालित (AI) समीक्षा।

लागू नियम: विद्यारम्भ / अक्षरारम्भ मुहूर्त

अनिवार्य (जिस दिन ये हर घड़ी रोकें, वह "वर्जित" है)

  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12
  • राहु काल वर्जित
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
  • चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल

वांछनीय (जिस समय में इनमें से कोई न सधे, वह "मिश्रित" है)

  • अनुकूल वार
  • यमगण्ड से बचें
  • गुलिक काल से बचें
  • दुर्मुहूर्त से बचें
  • वर्ज्यम से बचें
  • विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)
  • चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल

Muhurta Chintamani nakshatra/tithi/vara selections as commonly cited by modern Panchangs

शुभ समय कैलेंडर में जोड़ें (.ics)

कैलेंडर फ़ाइल में इस स्थान के समय क्षेत्र में केवल आगे आने वाले शुभ समय हैं। साझा लिंक में प्रयोजन, माह, स्थान और, यदि चुने हों, केवल चन्द्र राशि व नक्षत्र के कोड होते हैं।

01/09/2026 (मंगल) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
02/09/2026 (बुध) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
03/09/2026 (गुरु) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
04/09/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
05/09/2026 (शनि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
06/09/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित) (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
07/09/2026 (सोम) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
  • व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित) (अनिवार्य)
08/09/2026 (मंगल) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
09/09/2026 (बुध) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
10/09/2026 (गुरु) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
11/09/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
12/09/2026 (शनि) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया
    • नक्षत्र हस्त
    • योग शुभ → शुक्ल
    • करण बालव
    • वार शनिवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

13/09/2026 (रवि) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वितीया → शुक्ल पक्ष तृतीया
    • नक्षत्र हस्त
    • योग शुक्ल
    • करण कौलव → तैतिल
    • वार रविवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
    • नक्षत्र चित्रा
    • योग ब्रह्म
    • करण तैतिल
    • वार रविवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
    • नक्षत्र हस्त → चित्रा
    • योग शुक्ल → ब्रह्म
    • करण तैतिल
    • वार रविवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

दिन के सभी समय (4)
  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
    • नक्षत्र चित्रा
    • योग ब्रह्म
    • करण तैतिल
    • वार रविवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

14/09/2026 (सोम) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष तृतीया
    • नक्षत्र चित्रा
    • योग ब्रह्म
    • करण गर
    • वार सोमवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

15/09/2026 (मंगल) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र स्वाती
    • योग इन्द्र
    • करण बव
    • वार मंगलवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी
    • नक्षत्र स्वाती
    • योग इन्द्र
    • करण बव
    • वार मंगलवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

16/09/2026 (बुध) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र अनुराधा
    • योग विष्कम्भ
    • करण कौलव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

17/09/2026 (गुरु) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी
    • नक्षत्र अनुराधा
    • योग विष्कम्भ
    • करण तैतिल
    • वार गुरुवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें (समय के कुछ भाग में); विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित); गुलिक काल से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

18/09/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
19/09/2026 (शनि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
20/09/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
21/09/2026 (सोम) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
22/09/2026 (मंगल) मिश्रित से

श्रेष्ठ समय

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष एकादशी
    • नक्षत्र श्रवण
    • योग अतिगण्ड
    • करण वणिज
    • वार मंगलवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): अनुकूल वार; विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र व परिघ योग से बचें (शास्त्रतः केवल आरम्भ की घटियाँ; पूरा योग चिह्नित)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

23/09/2026 (बुध) शुभ से

श्रेष्ठ समय

  • से शुभ

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र धनिष्ठा
    • योग सुकर्मा → धृति
    • करण बालव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र श्रवण
    • योग सुकर्मा
    • करण बव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से शुभ

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र धनिष्ठा
    • योग सुकर्मा
    • करण बव → बालव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

दिन के सभी समय (6)
  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र श्रवण → धनिष्ठा
    • योग सुकर्मा
    • करण बव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): यमगण्ड से बचें

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र धनिष्ठा
    • योग सुकर्मा
    • करण बालव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): वर्ज्यम से बचें

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

  • से मिश्रित

    • तिथि शुक्ल पक्ष द्वादशी
    • नक्षत्र धनिष्ठा
    • योग सुकर्मा
    • करण बालव
    • वार बुधवार

    भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)

    न सधने वाले (वांछनीय): गुलिक काल से बचें; दुर्मुहूर्त से बचें (समय के कुछ भाग में)

    सधते नियम: विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती; विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12; राहु काल वर्जित; भद्रा (विष्टि करण) वर्जित; व्यतीपात या वैधृति योग में नहीं (सम्पूर्ण वर्जित); केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)

    जाँचा नहीं गया: चयनित व्यक्ति(यों) के लिए तारा बल अनुकूल (अनिवार्य); चयनित व्यक्ति(यों) के लिए चन्द्र बल अनुकूल (वांछनीय)

24/09/2026 (गुरु) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
25/09/2026 (शुक्र) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
26/09/2026 (शनि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
27/09/2026 (रवि) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
28/09/2026 (सोम) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
29/09/2026 (मंगल) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • भद्रा (विष्टि करण) वर्जित (अनिवार्य)
30/09/2026 (बुध) वर्जित

वर्जित होने का कारण

  • विद्यारम्भ नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, तीनों पूर्वा, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती (अनिवार्य)
  • विद्यारम्भ की तिथियाँ ही: शुक्ल 2, 3, 5, 6, 10, 11, 12 (अनिवार्य)
  • केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) (अनिवार्य)
  • राहु काल वर्जित (अनिवार्य)

यहाँ हर दिन साथ दिए गए मुहूर्त नियमों से गणना किया गया परम्परागत संकेत है, भविष्यवाणी नहीं। ये समय अवधियाँ चुने गए स्थान और गणना प्रोफ़ाइल के लिए इस पृष्ठ पर दिए नियमों के अनुसार हैं। यही एकमात्र सही मुहूर्त नहीं है: परम्परा, क्षेत्र और व्यक्तिगत कुण्डली के अनुसार अलग चयन भी हो सकता है। बड़े संस्कारों के लिए योग्य पुरोहित या ज्योतिषी से परामर्श करें।

परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।

गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-10-21-2ab12b5d · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata