एकादशी (शुक्ल)
एकादशी तिथि पर विष्णु व्रत; द्वादशी को पारण।
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- श्रेणीएकादशी
- देवताभगवान विष्णु
- व्रत / उपवासअन्न का त्याग; अगले दिन सूर्योदय के बाद हरि वासर के बाहर पारण।
- निर्धारक तिथि / क्षणशुक्ल पक्ष एकादशी: से
- चान्द्र मासकार्तिक शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम)
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 का समय
- पारण से 21/11/2026 (शनि) · 2 घं 15 मि हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है।
स्मार्त और वैष्णव तिथियाँ — इस बार दोनों परम्पराओं की तिथि अलग है। स्मार्त: 20/11/2026 (शुक्र) वैष्णव (इस्कॉन): 21/11/2026 (शनि)
- स्मार्त 20/11/2026 (शुक्र) पारण · 21/11/2026 (शनि): से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। स्मार्त: एकादशी वाले दिन के बाद के सूर्योदय से पहले द्वादशी समाप्त हो जाती है, पारण के लिए द्वादशी नहीं बचती, इसलिए व्रत पिछले दिन; एकादशी वाला दिन वैकल्पिक गौण एकादशी है।
- वैष्णव (इस्कॉन) 21/11/2026 (शनि) त्रिस्पृशा महाद्वादशी पारण · 22/11/2026 (रवि): से — इस्कॉन (GCal) नियम: सूर्योदय से दिनमान का एक तिहाई तक। वैष्णव: महाद्वादशी; साधारण एकादशी के स्थान पर व्रत इस दिन।
यही तिथि क्यों?
- स्मार्त: एकादशी वाले दिन के बाद के सूर्योदय से पहले द्वादशी समाप्त हो जाती है, पारण के लिए द्वादशी नहीं बचती, इसलिए व्रत पिछले दिन; एकादशी वाला दिन वैकल्पिक गौण एकादशी है।
पूजा विधि
पूजा कैसे करें मन्त्रों, पूजा-सामग्री की सूची और आपके शहर के इस वर्ष के पूजा-समय के साथ चरणबद्ध विधि।
मंत्र और भक्ति
- विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र
- शान्ताकारं भुजगशयनं
- ॐ नमो नारायणाय (अष्टाक्षरी मन्त्र)
- विष्णु गायत्री (नारायण गायत्री)
- अच्युताष्टकम्
- नारायण कवच
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (द्वादशाक्षरी मन्त्र)
- गोविन्दाष्टकम्
- श्री खाटू श्याम चालीसा
- हरे राम हरे कृष्ण (महामन्त्र)
- ॐ जय जगदीश हरे
व्रत कथा
व्यंजन, कहानियाँ और मंदिर
बनाने के लिए प्रसाद
तिथि का निर्धारण कैसे होता है
- यह प्रत्येक चान्द्र मास में शुक्ल पक्ष एकादशी को आता है।
- यह उस दिन होता है जिस दिन स्थानीय सूर्योदय के समय यह तिथि व्याप्त हो (उदया तिथि)।
- यदि तिथि दो सूर्योदयों पर हो (वृद्धि तिथि) तो पहला दिन लिया जाता है।
- यदि तिथि किसी भी दिन उस काल को स्पर्श न करे (क्षय तिथि), तो जिस हिन्दू दिन में तिथि सबसे अधिक समय रहे, वह दिन लिया जाता है।
- एकादशियों के नाम उस पारम्परिक मास के अनुसार हैं जिसमें उनका उल्लेख होता है। पारण द्वादशी में, सूर्योदय के बाद और हरि वासर के बाहर किया जाता है; पूरे नियम एकादशी पृष्ठ पर देखें।
- आपकी गणना प्रोफ़ाइल पहले स्मार्त तिथि दिखाती है (अधिकांश उत्तर भारतीय पंचांगों की तरह: सूर्योदय पर एकादशी, वृद्धि, क्षय और द्वादशी के नियम एकादशी पृष्ठ पर); वैष्णव (इस्कॉन) तिथि सदा साथ में दिखती है।
पारम्परिक भिन्नता
यह ऊपर दिए नियम के अनुसार चुने गए स्थान के लिए तिथि है। यही एकमात्र मान्य तिथि नहीं है: क्षेत्रीय पंचांग, पारिवारिक परम्परा और सम्प्रदाय इसे अलग दिन भी मना सकते हैं।
नियम का स्रोत: Smarta: Ekadashi at sunrise (first day if on two sunrises). Vaishnava profile: Dashami-viddha at Arunodaya shifts to next day.
परम्पराएँ क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार भिन्न हो सकती हैं। समय चयनित स्थान, समय क्षेत्र और गणना प्रोफ़ाइल के अनुसार दिखाए गए हैं।
गणना: इंजन 1.4.2 · नियम rules-2026-10-21-2ab12b5d · प्रोफ़ाइल north-lahiri-calibrated v1 · अयनांश lahiri_drik_compat · astronomy-engine@2.1.19 · Asia/Kolkata
2026 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 29/01/2026 (गुरु)
जया एकादशी माघ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 30/01/2026 (शुक्र), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 27/02/2026 (शुक्र)
आमलकी एकादशी फाल्गुन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 28/02/2026 (शनि), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 29/03/2026 (रवि)
कामदा एकादशी चैत्र शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 30/03/2026 (सोम), से — पारण द्वादशी समाप्त होने से पहले कर लेना चाहिए; समय अवधि उसी क्षण समाप्त होती है। |
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| 27/04/2026 (सोम)
मोहिनी एकादशी वैशाख शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 28/04/2026 (मंगल), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 27/05/2026 (बुध)
पद्मिनी (कमला) एकादशी अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 28/05/2026 (गुरु), से — पारण द्वादशी समाप्त होने से पहले कर लेना चाहिए; समय अवधि उसी क्षण समाप्त होती है। |
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| 25/06/2026 (गुरु)
निर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 26/06/2026 (शुक्र), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 25/07/2026 (शनि)
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 26/07/2026 (रवि), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 23/08/2026 (रवि)
श्रावण पुत्रदा एकादशी श्रावण शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 24/08/2026 (सोम), से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। |
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| 22/09/2026 (मंगल)
परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 23/09/2026 (बुध), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 22/10/2026 (गुरु)
पापांकुशा एकादशी आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 23/10/2026 (शुक्र), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 20/11/2026 (शुक्र)
अगली
देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी कार्तिक शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 21/11/2026 (शनि), से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। गौण एकादशी (वैकल्पिक बाद वाला दिन): 21/11/2026 (शनि) |
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| 20/12/2026 (रवि)
मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 21/12/2026 (सोम), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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2027 की तिथियाँ
| दिनांक | निर्धारक तिथि / क्षण | समय अवधि | निर्णय टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 18/01/2027 (सोम)
पौष पुत्रदा एकादशी पौष शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 19/01/2027 (मंगल), से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। गौण एकादशी (वैकल्पिक बाद वाला दिन): 19/01/2027 (मंगल) |
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| 17/02/2027 (बुध)
जया एकादशी माघ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 18/02/2027 (गुरु), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 18/03/2027 (गुरु)
आमलकी एकादशी फाल्गुन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 19/03/2027 (शुक्र), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 17/04/2027 (शनि)
कामदा एकादशी चैत्र शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 18/04/2027 (रवि), से — पारण द्वादशी समाप्त होने से पहले कर लेना चाहिए; समय अवधि उसी क्षण समाप्त होती है। |
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| 16/05/2027 (रवि)
मोहिनी एकादशी वैशाख शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 17/05/2027 (सोम), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 14/06/2027 (सोम)
निर्जला एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 15/06/2027 (मंगल), से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। |
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| 14/07/2027 (बुध)
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 15/07/2027 (गुरु), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 12/08/2027 (गुरु)
श्रावण पुत्रदा एकादशी श्रावण शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 13/08/2027 (शुक्र), से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। |
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| 11/09/2027 (शनि)
परिवर्तिनी (पार्श्व) एकादशी भाद्रपद शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 12/09/2027 (रवि), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 11/10/2027 (सोम)
पापांकुशा एकादशी आश्विन शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 12/10/2027 (मंगल), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 10/11/2027 (बुध)
देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी कार्तिक शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 11/11/2027 (गुरु), से — हरि वासर समाप्त होने के बाद प्रातःकाल (दिन के प्रथम पंचमांश) में पारण। |
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| 09/12/2027 (गुरु)
मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष (अमान्त और पूर्णिमान्त में एक ही नाम) |
शुक्ल पक्ष एकादशी: से | — पारण: 10/12/2027 (शुक्र), से — हरि वासर प्रातःकाल के बाद तक रहता है, इसलिए पारण हरि वासर समाप्त होने पर मध्याह्न के बाद किया जाता है। |
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