कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) Kaya Nashchitra (Vedic mantra for Rahu)
इन्द्र का ऋग्वैदिक मन्त्र, जो ग्रह-शान्ति अनुष्ठानों में राहु के लिए पढ़ा जाता है।
- देवता राहु
- प्रकार वैदिक मन्त्र
- भाषा संस्कृत
- परम्परा वैदिक
- स्रोत ऋग्वेद (शाकल शाखा) — Rigveda 4.31.1
मूल / शास्त्रीय पाठ सम्पादकीय जाँच
मार्गदर्शन-सूचना। वैदिक मन्त्र परम्परा से स्वर सहित गुरु से सीखे जाते हैं।
मूल पाठ
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मन्त्र
कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृधः सखा ।kayā naścitra ā bhuvadūtī sadāvṛdhaḥ sakhā |
कया शचिष्ठया वृता ॥kayā śaciṣṭhayā vṛtā ||
रोमन पंक्ति देवनागरी से बना IAST लिप्यन्तरण है (ā = दीर्घ आ, ṃ = अनुस्वार, ḥ = विसर्ग, ś/ṣ = श/ष, c = च)। हिन्दी, अवधी और ब्रज पाठों में शब्द के अन्त का मौन 'अ' नहीं लिखा जाता। लिप्यन्तरण में वैदिक स्वर नहीं दिखते।
पारम्परिक सन्दर्भ
ऋग्वेद में यह मन्त्र इन्द्र को सम्बोधित है; राहु के लिए इसका प्रयोग ग्रह-शान्ति परम्परा से आता है।
राहु के और पाठ
इन्हीं अवसरों के लिए
प्रश्न
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) क्या है?
इन्द्र का ऋग्वैदिक मन्त्र, जो ग्रह-शान्ति अनुष्ठानों में राहु के लिए पढ़ा जाता है।
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) किस देवता से जुड़ा है?
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) राहु से जुड़ा है। नवग्रहों में उत्तर चन्द्र-पात, एक छाया ग्रह।
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) का अर्थ क्या है?
वह अद्भुत, सदा बढ़ने वाला हमारा सखा किस सहायता के साथ हमारे पास आएगा? किस अत्यन्त शक्तिशाली साथ के साथ?
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) का पारम्परिक प्रयोग कैसे होता है?
ऋग्वेद में यह मन्त्र इन्द्र को सम्बोधित है; राहु के लिए इसका प्रयोग ग्रह-शान्ति परम्परा से आता है।
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) का स्रोत क्या है?
ऋग्वेद (शाकल शाखा) — Rigveda 4.31.1. परम्परा: वैदिक।
कया नश्चित्र (राहु वैदिक मन्त्र) का उच्चारण कैसे करें?
इस लिपि और लिप्यन्तरण में वैदिक स्वर नहीं दिखाए गए हैं।