देहरादून ठिकाण बदला
देहरादून पंचांग सोमवार, 1 डिसेंबर, 2025
मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष एकादशी · विक्रम संवत 2082 कालयुक्त · शालिवाहन शक 1947 विश्वावसू · हेमंत
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आवाज आणि वेग
सूर्योदय . सूर्यास्त . ब्राह्म मुहूर्त ते . राहुकाळ ते . यमघंट ते . अभिजित मुहूर्त ते . गुलिक काळ ते . सूर्योदय: एकादशी तिथी, रेवती नक्षत्र.
पंचांगाची पाच अंगे
- वारसोमवारहिंदू वार, सूर्योदय ते सूर्योदय
- तिथीएकादशीशुक्ल पक्ष · पर्यंत नंतर द्वादशी
- नक्षत्ररेवतीपर्यंत नंतर अश्विनी
- योगव्यतीपातपर्यंत नंतर वरीयान
- करणवणिजपर्यंत नंतर विष्टी (भद्रा) …
मास, संवत आणि अधिक माहिती
- चांद्र मास
- मार्गशीर्ष (पौर्णिमान्त)
- संवत
- विक्रम संवत 2082 · शालिवाहन शक 1947
- संवत्सर
- कालयुक्त (उत्तर भारतीय) · विश्वावसू (दक्षिण भारतीय) (उत्तर भारतीय: गुरु (बार्हस्पत्य) चक्र, मेष संक्रांतीच्या वेळी चालू असलेले नाव; दक्षिण भारतीय: शक संवतासह 60 वर्षांचे चक्र)
- ऋतू
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन (दृक् / सायन)
- सूर्य राशी (निरयन)
- वृश्चिक
- चंद्र राशी (निरयन)
- मीन → मेष पासून
सण आणि व्रते
- मोक्षदा एकादशी
- पारणा ते
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- सौर मध्याह्न (मध्याह्न रेखा)
- दिनमान10 ता 20 मि
- रात्रिमान13 ता 41 मि
- सूर्योदयाच्या वेळी चंद्राचा प्रकाशित भाग79% (अंदाजे)
शुभ काळ
| काळ | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| ब्राह्म मुहूर्त | ते 0 ता 55 मि | शुभ |
| अभिजित मुहूर्त | ते 0 ता 41 मि | शुभ |
| विजय मुहूर्त | ते 0 ता 41 मि | शुभ |
अशुभ काळ
| काळ | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| राहुकाळ | ते 1 ता 17 मि | अशुभ |
| यमघंट | ते 1 ता 17 मि | अशुभ |
| वर्ज्य | ते 1 ता 28 मि | अशुभ |
| दुर्मुहूर्त | ते 0 ता 41 मि | अशुभ |
| गुलिक काळ | ते 1 ता 17 मि | अशुभ |
| दुर्मुहूर्त | ते 0 ता 41 मि | अशुभ |
पंचक, भद्रा आणि विशेष योग
पंचक आहे
- ते
चंद्र कुंभ/मीन राशीत (धनिष्ठा तिसरे चरण ते रेवती)
पंचकाचा कालावधी ही खगोलीय वस्तुस्थिती आहे (चंद्राची स्थिती). त्याच्याशी जोडलेले निर्बंध — जसे दक्षिणेकडील प्रवास, छप्पर घालणे, लाकूड गोळा करणे किंवा उपायांशिवाय काही अंत्यविधी टाळणे — पारंपरिक आहेत आणि समाजानुसार भिन्न असतात. अधिक जाणून घ्या
भद्रा (विष्टी करण) आहे
- ते
वास: भूलोक (पृथ्वी)
भद्रा म्हणजे विष्टी करण (गणना केलेली अर्धी तिथी). अनेक परंपरा भद्रेच्या काळात शुभ कार्यांचा आरंभ टाळतात, विशेषतः तिचा वास पृथ्वीवर असताना (चंद्र कर्क, सिंह, कुंभ किंवा मीन राशीत); काही परंपरा तिचा वास स्वर्ग किंवा पाताळात असताना कार्ये करण्यास अनुमती देतात. अधिक जाणून घ्या
विशेष योग
सूचीतील कोणताही विशेष योग या हिंदू दिवसात येत नाही.
तुमच्या चंद्र राशीसाठी ताराबल आणि चंद्रबल
चंद्रबल: तुमच्या चंद्र राशीपासून (जन्मराशी) मोजलेली दिवसाची चंद्र राशी 1ल्या, 3ऱ्या, 6व्या, 7व्या, 10व्या आणि 11व्या स्थानी अनुकूल. ताराबल: तुमच्या जन्मनक्षत्रापासून नऊच्या गटांत (तारा) मोजलेले दिवसाचे नक्षत्र तारा 2, 4, 6, 8 आणि 9 साठी अनुकूल, 3, 5 आणि 7 साठी प्रतिकूल, आणि 1 (जन्म) साठी संमिश्र. तुमची चंद्र राशी निवडा, आणि माहीत असल्यास जन्मनक्षत्रही.
सूर्योदयाला चंद्र राशींसाठी चंद्रबल
वृषभ, मिथुन, कन्या, तूळ, मकर, मीन
सूर्योदयाला जन्मनक्षत्रांसाठी ताराबल
अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूळ, पूर्वाषाढा, श्रवण, शततारका, उत्तरा भाद्रपदा
प्रतिकूल तारा:: कृत्तिका, मृगशीर्ष, पुनर्वसू, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपदा
सूर्योदयाला चंद्र मीन मध्ये, रेवती नक्षत्रात आहे. दिवसभरात चंद्र राशी किंवा नक्षत्र बदलतो, म्हणून सूर्योदयानंतर या याद्या बदलू शकतात; वेळांसाठी तुमची चंद्र राशी निवडा.
शास्त्रीय गणना-नियमांवरून पारंपरिक संकेत, भविष्यवाणी नाही. येथे तुम्ही निवडलेले काहीही साठवले जात नाही.
चौघडिया
- शुभ अमृत
- चांगले लाभ · शुभ
- तटस्थ चल
- अशुभ उद्वेग · काळ · रोग
| # | चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | अमृत | ते | शुभ |
| 2 | काळ | ते | अशुभ |
| 3 | शुभ | ते | चांगले |
| 4 | रोग | ते | अशुभ |
| 5 | उद्वेग | ते | अशुभ |
| 6 | चल | ते | तटस्थ |
| 7 | लाभ | ते | चांगले |
| 8 | अमृत | ते | शुभ |
| # | चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | चल | ते | तटस्थ |
| 2 | रोग | ते | अशुभ |
| 3 | काळ | ते | अशुभ |
| 4 | लाभ | ते | चांगले |
| 5 | उद्वेग | ते | अशुभ |
| 6 | शुभ | ते | चांगले |
| 7 | अमृत | ते | शुभ |
| 8 | चल | ते | तटस्थ |
तिथी, नक्षत्र, योग आणि करण
तिथी
- एकादशी (शुक्ल पक्ष) पर्यंत (पासून )
- द्वादशी (शुक्ल पक्ष) पर्यंत (पासून )
नक्षत्र
- रेवती पर्यंत (पासून )
- अश्विनी पर्यंत (पासून )
नक्षत्र चरण
- रेवती चरण 2 पर्यंत
- रेवती चरण 3 पर्यंत
- रेवती चरण 4 पर्यंत
- अश्विनी चरण 1 पर्यंत
- अश्विनी चरण 2 पर्यंत
योग
- व्यतीपात पर्यंत (पासून )
- वरीयान पर्यंत (पासून )
करण
- वणिज पर्यंत (पासून )
- विष्टी (भद्रा) पर्यंत (पासून )
- बव पर्यंत (पासून )
- बालव पर्यंत (पासून )
दिवसाचे विभाग
| काळ | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| प्रातः संध्या | ते 1 ता 22 मि | तटस्थ |
| मध्याह्न | ते 2 ता 4 मि | तटस्थ |
| अपराह्ण | ते 2 ता 4 मि | तटस्थ |
| सायं संध्या | ते 1 ता 22 मि | तटस्थ |
| प्रदोषकाळ | ते 2 ता 44 मि | तटस्थ |
| निशीथकाळ | ते 0 ता 55 मि | तटस्थ |
होरा
सर्व 24 होरा दाखवा
| # | होरा | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | चंद्र | ते | चांगले |
| 2 | शनि | ते | अशुभ |
| 3 | गुरु | ते | शुभ |
| 4 | मंगळ | ते | अशुभ |
| 5 | सूर्य | ते | तटस्थ |
| 6 | शुक्र | ते | चांगले |
| 7 | बुध | ते | चांगले |
| 8 | चंद्र | ते | चांगले |
| 9 | शनि | ते | अशुभ |
| 10 | गुरु | ते | शुभ |
| 11 | मंगळ | ते | अशुभ |
| 12 | सूर्य | ते | तटस्थ |
| 13 | शुक्र | ते | चांगले |
| 14 | बुध | ते | चांगले |
| 15 | चंद्र | ते | चांगले |
| 16 | शनि | ते | अशुभ |
| 17 | गुरु | ते | शुभ |
| 18 | मंगळ | ते | अशुभ |
| 19 | सूर्य | ते | तटस्थ |
| 20 | शुक्र | ते | चांगले |
| 21 | बुध | ते | चांगले |
| 22 | चंद्र | ते | चांगले |
| 23 | शनि | ते | अशुभ |
| 24 | गुरु | ते | शुभ |
आजची भक्ती
आज Monday (Somvar) आहे.
- Om Namo Bhagavate Vasudevaya (Dvadashakshari Mantra)
- ॐ जय जगदीश हरे
- Shri Khatu Shyam Chalisa
- Kayena Vacha (offering of all actions)
सूचना दिवसाच्या सर्वमान्य पारंपरिक संबंधांवर आणि आजच्या सण-व्रतांवर आधारित आहेत; कोणतीही साधना अनिवार्य नाही. आपल्या परंपरेचे पालन करा. भक्ती
गणना सेटिंग्ज / परंपरा
अयनांश लाहिरी (समायोजित) 24°13′31″ · एफेमेरिस astronomy-engine 2.1.19 · प्रोफाइल north-lahiri-calibrated v1 · इंजिन 1.4.2
परंपरा प्रदेश आणि पंचांग पद्धतीनुसार भिन्न असू शकतात. वेळा निवडलेल्या ठिकाण, वेळ क्षेत्र आणि गणना प्रोफाइलसाठी दाखवल्या आहेत.