नोएडा ठिकाण बदला
नोएडा पंचांग मंगळवार, 4 मे, 2027
वैशाख · कृष्ण पक्ष त्रयोदशी · विक्रम संवत 2084 रौद्र · शालिवाहन शक 1949 प्लवंग · वसंत
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सूर्योदय . सूर्यास्त . ब्राह्म मुहूर्त to . यमघंट to . अभिजित मुहूर्त to . गुलिक काळ to . राहुकाळ to . सूर्योदय: त्रयोदशी tithi, रेवती nakshatra.
पंचांगाची पाच अंगे
- वारमंगळवारहिंदू वार, सूर्योदय ते सूर्योदय
- तिथीत्रयोदशीकृष्ण पक्ष · पर्यंत नंतर चतुर्दशी
- नक्षत्ररेवतीपर्यंत नंतर अश्विनी
- योगविष्कंभपर्यंत नंतर प्रीती
- करणगरपर्यंत नंतर वणिज …
मास, संवत आणि अधिक माहिती
- चांद्र मास
- वैशाख (पौर्णिमान्त)
- संवत
- विक्रम संवत 2084 · शालिवाहन शक 1949
- संवत्सर
- रौद्र (North Indian) · प्लवंग (South Indian) (North Indian: Jupiter (Barhaspatya) cycle, the name current at Mesha Sankranti; South Indian: 60-year cycle with the Shaka era)
- ऋतू
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण (दृक् / सायन)
- सूर्य राशी (निरयन)
- मेष
- चंद्र राशी (निरयन)
- मीन → मेष पासून
सण आणि व्रते
- मासिक शिवरात्री
- निशीथकाळ to
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
- सौर मध्याह्न (मध्याह्न रेखा)
- दिनमान13 ता 19 मि
- रात्रिमान10 ता 40 मि
- सूर्योदयाच्या वेळी चंद्राचा प्रकाशित भाग7% (अंदाजे)
शुभ काळ
| काळ | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| ब्राह्म मुहूर्त | to 0 ता 43 मि | शुभ |
| अभिजित मुहूर्त | to 0 ता 53 मि | शुभ |
| विजय मुहूर्त | to 0 ता 53 मि | शुभ |
अशुभ काळ
| काळ | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| दुर्मुहूर्त | to 0 ता 53 मि | अशुभ |
| यमघंट | to 1 ता 40 मि | अशुभ |
| गुलिक काळ | to 1 ता 40 मि | अशुभ |
| वर्ज्य | to 1 ता 36 मि | अशुभ |
| राहुकाळ | to 1 ता 40 मि | अशुभ |
| दुर्मुहूर्त | to 0 ता 43 मि | अशुभ |
पंचक, भद्रा आणि विशेष योग
पंचक आहे
- to
चंद्र कुंभ/मीन राशीत (धनिष्ठा तिसरे चरण ते रेवती)
पारंपरिक प्रकार: चोर पंचक (शुक्रवारी सुरू)
पंचकाचा कालावधी ही खगोलीय वस्तुस्थिती आहे (चंद्राची स्थिती). त्याच्याशी जोडलेले निर्बंध — जसे दक्षिणेकडील प्रवास, छप्पर घालणे, लाकूड गोळा करणे किंवा उपायांशिवाय काही अंत्यविधी टाळणे — पारंपरिक आहेत आणि समाजानुसार भिन्न असतात. अधिक जाणून घ्या
भद्रा (विष्टी करण) आहे
- to
वास: भूलोक (पृथ्वी); बदलून स्वर्ग पासून
भद्रा म्हणजे विष्टी करण (गणना केलेली अर्धी तिथी). अनेक परंपरा भद्रेच्या काळात शुभ कार्यांचा आरंभ टाळतात, विशेषतः तिचा वास पृथ्वीवर असताना (चंद्र कर्क, सिंह, कुंभ किंवा मीन राशीत); काही परंपरा तिचा वास स्वर्ग किंवा पाताळात असताना कार्ये करण्यास अनुमती देतात. अधिक जाणून घ्या
विशेष योग 2
- सर्वार्थसिद्धी योग
to - अमृतसिद्धी योग
to
चौघडिया
- शुभ अमृत
- चांगले लाभ · शुभ
- तटस्थ चल
- अशुभ उद्वेग · काळ · रोग
| # | चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | रोग | to | अशुभ |
| 2 | उद्वेग | to | अशुभ |
| 3 | चल | to | तटस्थ |
| 4 | लाभ | to | चांगले |
| 5 | अमृत | to | शुभ |
| 6 | काळ | to | अशुभ |
| 7 | शुभ | to | चांगले |
| 8 | रोग | to | अशुभ |
| # | चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | काळ | to | अशुभ |
| 2 | लाभ | to | चांगले |
| 3 | उद्वेग | to | अशुभ |
| 4 | शुभ | to | चांगले |
| 5 | अमृत | to | शुभ |
| 6 | चल | to | तटस्थ |
| 7 | रोग | to | अशुभ |
| 8 | काळ | to | अशुभ |
तिथी, नक्षत्र, योग आणि करण
तिथी
- त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) पर्यंत (पासून )
- चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) पर्यंत (पासून )
नक्षत्र
- रेवती पर्यंत (पासून )
- अश्विनी पर्यंत (पासून )
नक्षत्र चरण
- रेवती चरण 1 पर्यंत
- रेवती चरण 2 पर्यंत
- रेवती चरण 3 पर्यंत
- रेवती चरण 4 पर्यंत
- अश्विनी चरण 1 पर्यंत
योग
- विष्कंभ पर्यंत (पासून )
- प्रीती पर्यंत (पासून )
करण
- गर पर्यंत (पासून )
- वणिज पर्यंत (पासून )
- विष्टी (भद्रा) पर्यंत (पासून )
दिवसाचे विभाग
| काळ | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| प्रातः संध्या | to 1 ता 4 मि | तटस्थ |
| मध्याह्न | to 2 ता 40 मि | तटस्थ |
| अपराह्ण | to 2 ता 40 मि | तटस्थ |
| सायं संध्या | to 1 ता 4 मि | तटस्थ |
| प्रदोषकाळ | to 2 ता 8 मि | तटस्थ |
| निशीथकाळ | to 0 ता 43 मि | तटस्थ |
होरा
सर्व 24 होरा दाखवा
| # | होरा | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | मंगळ | to | अशुभ |
| 2 | सूर्य | to | तटस्थ |
| 3 | शुक्र | to | चांगले |
| 4 | बुध | to | चांगले |
| 5 | चंद्र | to | चांगले |
| 6 | शनि | to | अशुभ |
| 7 | गुरु | to | शुभ |
| 8 | मंगळ | to | अशुभ |
| 9 | सूर्य | to | तटस्थ |
| 10 | शुक्र | to | चांगले |
| 11 | बुध | to | चांगले |
| 12 | चंद्र | to | चांगले |
| 13 | शनि | to | अशुभ |
| 14 | गुरु | to | शुभ |
| 15 | मंगळ | to | अशुभ |
| 16 | सूर्य | to | तटस्थ |
| 17 | शुक्र | to | चांगले |
| 18 | बुध | to | चांगले |
| 19 | चंद्र | to | चांगले |
| 20 | शनि | to | अशुभ |
| 21 | गुरु | to | शुभ |
| 22 | मंगळ | to | अशुभ |
| 23 | सूर्य | to | तटस्थ |
| 24 | शुक्र | to | चांगले |
आजची भक्ती
आज Tuesday (Mangalvar) आहे.
- Rudra Gayatri (Shiva Gayatri)
- आरती कीजै हनुमान लला की
- Karpura Gauram Karunavataram
- Kara Charana Kritam (prayer for forgiveness)
सूचना दिवसाच्या सर्वमान्य पारंपरिक संबंधांवर आणि आजच्या सण-व्रतांवर आधारित आहेत; कोणतीही साधना अनिवार्य नाही. आपल्या परंपरेचे पालन करा. भक्ती
गणना सेटिंग्ज / परंपरा
Ayanamsa लाहिरी (समायोजित) 24°14′42″ · ephemeris astronomy-engine 2.1.19 · profile north-lahiri-calibrated v1 · engine 1.4.2
परंपरा प्रदेश आणि पंचांग पद्धतीनुसार भिन्न असू शकतात. वेळा निवडलेल्या ठिकाण, वेळ क्षेत्र आणि गणना प्रोफाइलसाठी दाखवल्या आहेत.