फ़रीदाबाद ठिकाण बदला
दोन घटी मुहूर्त गुरुवार, 29 ऑक्टोबर, 2026
तुमच्या शहरासाठी दिवस आणि रात्रीचे 30 मुहूर्त (प्रत्येकी दोन घटी), त्यांच्या पारंपरिक नावांसह आणि स्वरूपासह.
सूर्योदय . सूर्यास्त . ब्राह्म मुहूर्त ते . यमघंट ते . गुलिक काळ ते . अभिजित मुहूर्त ते . राहुकाळ ते . सूर्योदय: चतुर्थी तिथी, रोहिणी नक्षत्र.
गुरुवार, 29 ऑक्टोबर, 2026 च्या वेळा
| # | मुहूर्त | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | रुद्र | ते | अशुभ |
| 2 | अहि | ते | अशुभ |
| 3 | मित्र | ते | शुभ |
| 4 | पितृ | ते | अशुभ |
| 5 | वसू | ते | शुभ |
| 6 | वार* | ते | अशुभ आज दुर्मुहूर्त |
| 7 | विश्वेदेव | ते | शुभ |
| 8 | विधी (अभिजित) | ते | शुभ |
| 9 | शतमुखी | ते | शुभ |
| 10 | पुरुहूत† | ते | विवादित — परंपरा भिन्न |
| 11 | वह्नी | ते | अशुभ |
| 12 | नक्तनकर* | ते | अशुभ आज दुर्मुहूर्त |
| 13 | वरुण | ते | शुभ |
| 14 | अर्यमा | ते | शुभ |
| 15 | भग | ते | अशुभ |
| # | मुहूर्त | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरीश† | ते | विवादित — परंपरा भिन्न |
| 2 | अजपाद | ते | अशुभ |
| 3 | अहिर्बुध्न्य | ते | शुभ |
| 4 | पुष्य | ते | शुभ |
| 5 | अश्विनी | ते | शुभ |
| 6 | यम | ते | अशुभ |
| 7 | अग्नी† | ते | विवादित — परंपरा भिन्न |
| 8 | विधातृ | ते | शुभ |
| 9 | कंड | ते | शुभ |
| 10 | अदिती | ते | शुभ |
| 11 | जीव / अमृत | ते | शुभ |
| 12 | विष्णू | ते | शुभ |
| 13 | द्युमद्गद्युति | ते | शुभ |
| 14 | ब्रह्मा | ते | शुभ |
| 15 | समुद्र | ते | शुभ |
† विवादित — परंपरा भिन्न: प्रकाशित परंपरा या मुहूर्ताला वेगवेगळे स्थान देतात आणि मुहूर्त चिंतामणी त्याचा निर्णय करत नाही, म्हणून कोणतीही गुणवत्ता दिलेली नाही.
* या वाराचा दुर्मुहूर्त: मुहूर्त चिंतामणी (विवाह प्रकरण 52) आज हा मुहूर्त वर्ज्य सांगतो, म्हणून तो प्रतिकूल दाखवला आहे.
माहिती
एक मुहूर्त म्हणजे दोन घटी, पूर्ण दिवसाचा तिसावा भाग. सूर्योदय ते सूर्यास्त हा दिवस आणि सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय ही रात्र प्रत्येकी पंधरा मुहूर्तांत विभागली जाते, आणि प्रत्येक मुहूर्ताला पारंपरिक नाव असून तो शुभ किंवा अशुभ मानला जातो. दिवसाचा आठवा मुहूर्त (विधी) म्हणजे अभिजित मुहूर्त.
तुमच्या ठिकाणी दिनमान आणि रात्रिमान प्रत्येकी 15 समान भागांत विभागले जातात, म्हणून त्यांची लांबी ऋतूनुसार बदलते.
नावे Wikipedia वरील मुहूर्त तक्त्यानुसार आहेत (रुद्र … भग, गिरीश … समुद्र); मुहूर्त चिंतामणी (विवाह प्रकरण 50–51) याच कालखंडांना त्यांच्या अधिष्ठात्या देवतांची नावे देतो, काही ठिकाणी वेगळी. प्रत्येक वाराचा दुर्मुहूर्त (विवाह प्रकरण 52) प्रतिकूल दाखवला आहे, पंचांगातील दुर्मुहूर्ताचीच मिनिटे. इतर अनुकूल आणि प्रतिकूल चिन्हे Wikipedia तक्त्यातून आहेत आणि अद्याप शास्त्रीय ग्रंथाशी पडताळलेली नाहीत (बीटा); ज्या तीन मुहूर्तांवर परंपरा भिन्न आहेत ते विवादित म्हणून चिन्हांकित आहेत.
परंपरा प्रदेश आणि पंचांग पद्धतीनुसार भिन्न असू शकतात. वेळा निवडलेल्या ठिकाण, वेळ क्षेत्र आणि गणना प्रोफाइलसाठी दाखवल्या आहेत.
या दिवसाचे संपूर्ण पंचांग
तिथी, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय आणि चंद्रोदय, सर्व शुभ आणि अशुभ काळ, पंचक, भद्रा आणि सण — तुमच्या ठिकाणासाठी.